आगरा। शहर के प्रमुख उद्योगपति एवं समाजसेवी पूरन डावर ने वक्फ संशोधन बिल को लेकर चली जद्दोजहद और देर रात तक संसद में चले नाटक और बहस को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
श्री डावर ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल को लेकर कल दोपहर 12 बजे से देर रात तक संसद में जो कुछ भी चला, वह भारत में राजनीति की इंतेहा है। एक साधारण से स्पष्टतः नासूर को दुरुस्त करने के लिए इतनी जद्दोजहद चली।
रात भर संसद नाहक में नाटक चला। बहस हुई। कुछ राजनीतिक पार्टियां बहुत गुमराह दिखीं, जबकि सभी जानते हैं कि वक़्फ़ बोर्ड में कुछ प्रावधान ऐसे हैं, जिनका दुरुपयोग कर किस तरह भू माफिया और कुछ वकील ग़रीब जनता का उत्पीड़न कर रहे थे।
श्री डावर ने कहा कि भारत में राजनीति की स्थिति वास्तव में चिंताजनक है। खासकर जब वक्फ बोर्ड के मुद्दे पर देखा जाए। लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 पारित हो चुका है, जो वक्फ बोर्ड के कुछ प्रावधानों में संशोधन करने का प्रयास करता है, जिनका अब तक दुरुपयोग किया जाता रहा है।
उन्होंने कहा कि वक्फ संबंधी समस्या वास्तव में गंभीर है और इसका समाधान निकालने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है, लेकिन राजनीतिक दलों की आपसी खींचतान और व्यक्तिगत हितों के कारण समस्या का समाधान नहीं निकल पा रहा है।
श्री डावर ने कहा कि यह समय है जब राजनीतिक दलों को अपने व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर देश की समस्याओं का समाधान निकालने के लिए काम करना चाहिए। उन्हें वक्फ बोर्ड के मुद्दे पर एक साथ मिलकर काम करना चाहिए और इसका समाधान निकालने के लिए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।