मुंबई (अनिल बेदाग)। संगीत, अध्यात्म और सामुदायिक उत्साह से सजी मलाड मस्ती का समापन सप्ताह यादगार बन गया, जब सूफी सुरों की मधुरता ने माहौल को भावनात्मक ऊँचाइयों तक पहुँचा दिया। गायक दानिश साबरी ने अपने नए सूफी गीत की प्रस्तुति से श्रोताओं को आध्यात्मिक संगीत यात्रा पर ले जाया। इसी मंच पर प्रसिद्ध संगीतकार–गायक जोड़ी शारिब–तोशी की मौजूदगी और उनके नए गीत का विमोचन कार्यक्रम की खास उपलब्धि रहा।
चार सप्ताह तक चले इस बहुप्रतीक्षित सामुदायिक उत्सव के प्रेरणास्रोत विधायक असलम शेख ने बड़ी संख्या में उमड़ी भीड़ का आभार जताते हुए कहा कि सुबह-सुबह परिवारों और युवाओं की भागीदारी इस आयोजन की सबसे बड़ी ताकत बनी। उन्होंने फिटनेस, संस्कृति और सामुदायिक एकता को बढ़ावा देने वाले नागरिकों की विशेष सराहना की।
मलाड मस्ती में कई स्कूलों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे यह मंच युवाओं के लिए ऊर्जा, अनुशासन और सकारात्मकता का प्रतीक बन गया। हर सुबह कार्यक्रम में उत्साह और सहभागिता का अनोखा संगम नजर आया।
कार्यक्रम में नायरा बनर्जी, फरहाना भट्ट, बसीर अली, गायक विपिन अनेजा और शाहबाज बादशाह की मौजूदगी ने उत्सव में चार चाँद लगा दिए। बसीर अली ने इसे परिवारों को जोड़ने वाला आयोजन बताया, वहीं नायरा बनर्जी ने अपनी आगामी फिल्म का प्रचार करते हुए दर्शकों से खास संवाद किया।
आयोजन की सफलता में गोल्ड मेडल के किशन जैन और ब्राइट आउटडोर के योगेश लखानी का अहम योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन मश्रॉ इवेंट्स के महेश राव ने कुशलता से किया, जिससे भारी भीड़ के बावजूद आयोजन सुचारु रूप से चलता रहा।
चार सप्ताह की इस शानदार यात्रा के बाद आयोजकों ने घोषणा की कि मलाड मस्ती अगले वर्ष अपने 10वें संस्करण के साथ और भी बड़े पैमाने पर लौटेगा—और संगीत व सामुदायिक उत्सव का यह सिलसिला और भव्य होगा।
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