आगरा नगर निगम के ‘ट्रेड टैक्स’ पर तकरार: सपा व्यापार सभा का आर-पार का ऐलान, कहा- “व्यापार पर वार अब नहीं होगा बर्दाश्त”

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आगरा: ताजनगरी के व्यापारियों पर नगर निगम द्वारा थोपे गए नए “ट्रेड टैक्स” ने शहर के सियासी और व्यापारिक पारे को गरमा दिया है। समाजवादी व्यापार सभा ने इस टैक्स को आगरा के डूबते उद्योगों के लिए ‘आखरी कील’ करार देते हुए निर्णायक आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। लोहामंडी स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में हुई अहम बैठक के बाद संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि यह ‘तुगलकी फरमान’ वापस नहीं लिया गया, तो शहर की सड़कों पर उग्र प्रदर्शन होगा।

​”अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है उद्योग जगत”

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए समाजवादी व्यापार सभा के प्रदेश सचिव और आगरा मंडल प्रभारी मनोज गुप्ता ने अफसरशाही पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि गलत नीतियों और प्रशासनिक उदासीनता के कारण आगरा के उद्योग पहले ही पलायन कर रहे हैं। ऐसे संकट काल में ट्रेड टैक्स का नया बोझ व्यापारियों को पूरी तरह बर्बाद कर देगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदेश के अन्य जिलों में ऐसा कोई कर नहीं है, तो आगरा के व्यापारियों के साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों?

​सर्राफा और जूता उद्योग पर गहराया संकट

मनोज गुप्ता ने तर्कों के साथ बताया कि सर्राफा व्यापार में टर्नओवर के आधार पर टैक्स लगाना पूरी तरह बेतुका है। सोने-चांदी की आसमान छूती कीमतों ने पहले ही कारोबार को 20% तक समेट दिया है।

​कारीगरों पर मार: इसका सीधा असर आभूषण बनाने वाले कारीगरों और उनके परिवारों के चूल्हे पर पड़ रहा है।

जूता और पेठा उद्योग: आगरा की पहचान कहे जाने वाले जूता और पेठा उद्योग भी सरकारी उपेक्षा की मार झेल रहे हैं। ‘ग्रीन कैटेगरी’ के नियमों ने चमड़ा कारोबार का भविष्य अंधकारमय कर दिया है।

​ODOP योजना को बताया ‘फ्लॉप शो’

​बैठक में सरकार की महत्वाकांक्षी ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) योजना को भी कटघरे में खड़ा किया गया। व्यापार सभा का आरोप है कि 2018 में शुरू हुई यह योजना केवल कागजों तक सीमित है और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। धरातल पर व्यापारियों को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है।

​आंदोलन की रूपरेखा तैयार

सपा व्यापार सभा ने नगर निगम और प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए मांग की है कि ट्रेड टैक्स को तत्काल प्रभाव से शून्य किया जाए। इस दौरान शब्बीर अब्बास, विनय अग्रवाल, राकेश अग्रवाल और राहुल चतुर्वेदी समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। संगठन ने स्पष्ट किया कि वे अब जन-जागरण अभियान चलाएंगे और शहर के कोने-कोने में व्यापारियों को इस अन्यायपूर्ण कर के खिलाफ एकजुट करेंगे।