आगरा। आगरा कॉलेज में 77वां गणतंत्र दिवस समारोह इस बार विशेष गरिमा और राष्ट्रभावना के साथ मनाया गया। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव के ओजस्वी और विचारोत्तेजक संबोधन ने कार्यक्रम को खास बना दिया। सुबह 9:30 बजे ध्वजारोहण के साथ ही 1823 में स्थापित इस ऐतिहासिक शिक्षण संस्थान का परिसर संविधान, न्याय और राष्ट्रनिष्ठा की भावना से सराबोर नजर आया।
समारोह की अध्यक्षता आगरा कॉलेज के प्राचार्य एवं प्रबंध समिति के सचिव प्रो. सी. के. गौतम ने की। कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. सुनीता रानी घोष ने किया।
संविधान केवल कानून नहीं, देश की आत्मा है: न्यायमूर्ति शेखर यादव
मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि संविधान सिर्फ एक विधिक दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, संस्कृति और नैतिक मूल्यों का जीवंत स्वरूप है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में हाउस ऑफ लॉर्ड्स में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने भारतीय संवैधानिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों पर विचार साझा किए थे।
अपने संबोधन में उन्होंने नारी सम्मान, मौलिक कर्तव्यों, अनुच्छेद 44 और भारतीय संस्कृति की मूल भावना पर भी चर्चा की। साथ ही छात्रों से आग्रह किया कि वे न्याय, नैतिकता और राष्ट्रधर्म को अपने जीवन का आधार बनाएं।
विशिष्ट अतिथियों ने भी रखा मजबूत दृष्टिकोण
कार्यक्रम में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्यजीत पाठक विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने संविधान की 77 वर्षों की यात्रा पर आत्ममंथन की जरूरत बताते हुए कहा कि मौलिक कर्तव्यों का पालन ही गणतंत्र की असली ताकत है।
वहीं जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रो. रामनाथ झा ने शिक्षा प्रणाली को स्वदेशी मूल्यों से जोड़ने और औपनिवेशिक मानसिकता से बाहर निकलने का संदेश दिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विश्व रूप तिवारी की उपस्थिति ने भी आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।
गार्ड ऑफ ऑनर और सम्मान समारोह
ध्वजारोहण के बाद सामूहिक राष्ट्रगीत हुआ। इसके उपरांत पं. गंगाधर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया और एनसीसी कैडेट्स ने अतिथियों को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। कॉलेज प्रशासन की ओर से सभी अतिथियों को शॉल और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर उच्च शिक्षा निदेशक, उत्तर प्रदेश का संदेश भी प्रो. सुनीता रानी घोष द्वारा पढ़कर सुनाया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में गणेश वंदना के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शुरुआत हुई। इसमें विधि संकाय की अदिति शर्मा, संगीत विभाग के प्रियांशु कृष्ण व तबला वादक मुरली मनोहर तिवारी, हिंदी विभाग के सजल जैन, विधि संकाय की मिली शर्मा सहित कई विद्यार्थियों ने प्रस्तुति देकर समां बांध दिया।
विशेष आकर्षण रहा “ऑपरेशन सिंदूर” विषय पर आधारित समूह नृत्य, जिसका निर्देशन प्रो. रीता निगम ने किया। प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
‘वाणी–2025’ का हुआ विमोचन
समारोह के अंत में आगरा कॉलेज की द्विशताब्दी विशेष वार्षिक पत्रिका ‘वाणी–2025’ का विमोचन न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव एवं अन्य अतिथियों द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में उपप्राचार्य प्रो. पी. बी. झा, प्रो. भूपाल सिंह, प्रो. शशिकांत पांडे, प्रो. मृणाल शर्मा, प्रो. पूनम चाँद, प्रो. जय श्री भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, एनसीसी अधिकारी, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
समापन पर प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम ने सभी का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का भव्य समापन हुआ।

