एफएडीए और एएसडीसी की संयुक्त पहल से ट्रांसपोर्ट नगर में देश के पहले ऑटोग्रेड रीजनल स्किल डेवलपमेंट सेंटर की शुरुआत, विद्यार्थियों के साथ उद्योग में कार्यरत कर्मचारियों का भी होगा कौशल विकास
केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने होटल लेमन ट्री से किया वर्चुअल शुभारंभ, समय-समय पर विशेषज्ञों के प्रशिक्षण शिविर भी होंगे आयोजित
आगरा। ऑटोमोबाइल उद्योग में कुशल कर्मचारियों की आवश्यकता को पूरा करने और युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने की दिशा में आगरा में नई पहल की गई है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (एफएडीए) और ऑटोमोटिव स्किल्स डेवलपमेंट काउंसिल (एएसडीसी) के संयुक्त तत्वावधान में ट्रांसपोर्ट नगर में देश के पहले ऑटोग्रेड रीजनल स्किल डेवलपमेंट सेंटर की शुरुआत हुई। बाईपास रोड, खंदारी स्थित होटल लेमन ट्री में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने केंद्र का वर्चुअल शुभारंभ किया।
इस केंद्र के माध्यम से स्कूल-कॉलेजों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को ऑटोमोबाइल क्षेत्र से जुड़ी तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही आगरा की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री से जुड़े कर्मचारियों के कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। समय-समय पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विशेषज्ञ कर्मचारियों को नई तकनीकों, कार्यप्रणाली और उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करेंगे। इससे कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने और उन्हें तकनीकी रूप से अधिक दक्ष बनाने में मदद मिलेगी।
ऑटोग्रेड रीजनल स्किल डेवलपमेंट सेंटर की पहल केवल नए युवाओं को प्रशिक्षित करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ऑटोमोबाइल क्षेत्र में पहले से कार्यरत कर्मचारियों को भी अपने कौशल को निखारने का अवसर मिलेगा। प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से विशेषज्ञों के अनुभव और तकनीकी जानकारी कर्मचारियों तक पहुंचाई जाएगी, जिससे वे बदलती तकनीक के अनुरूप अपनी कार्यक्षमता विकसित कर सकें।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में तकनीक के तेजी से बदलते स्वरूप को देखते हुए कर्मचारियों के लिए नियमित प्रशिक्षण महत्वपूर्ण है। ऐसे में यह केंद्र विद्यार्थियों, नए प्रशिक्षुओं और उद्योग में कार्यरत कर्मचारियों के लिए कौशल विकास का उपयोगी मंच बन सकता है। इससे ऑटोमोबाइल डीलरशिप और संबंधित प्रतिष्ठानों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने में भी सहायता मिलेगी।
मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में सबसे अधिक आवश्यकता प्रशिक्षित और अनुभवी वर्कर्स की होती है। इस क्षेत्र में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक अनुभव और तकनीकी दक्षता भी बेहद जरूरी है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान ही प्रैक्टिकल ट्रेनिंग उपलब्ध कराने से वे उद्योग की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने के साथ उद्योगों की जरूरतों को भी पूरा किया जा सकता है। प्रशिक्षण केंद्र युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने और उन्हें रोजगार के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
केंद्र का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराना है, ताकि पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें रोजगार पाने में आसानी हो। वहीं, समय-समय पर आयोजित होने वाले विशेषज्ञ प्रशिक्षण शिविर ऑटोमोबाइल क्षेत्र के कर्मचारियों को नई तकनीकों और कार्यकुशलता से परिचित कराने में सहायक होंगे।
इस पहल से आगरा के ऑटोमोबाइल कारोबार को कुशल कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ाने, मौजूदा कर्मचारियों की दक्षता विकसित करने और युवाओं के लिए रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण के अवसर तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप नारायण, ऑटोमोटिव स्किल्स डेवलपमेंट काउंसिल के सीईओ प्रसन्न पहाड़ी, एफएडीए अकादमी के डीन धर्मेश जैन, मनोरम बजाज के एमडी राम मोहन कपूर, अशोक ग्रुप की चेयरपर्सन डॉ. रंजना बंसल आदि उपस्थित रहीं।
