कोलकाता: पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों का बिगुल बज चुका है। मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने मंगलवार (17 मार्च 2026) को पार्टी के उम्मीदवारों की बहुप्रतीक्षित सूची जारी कर दी।
‘दीदी’ ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी राज्य की 294 सीटों में से 291 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि शेष 3 सीटें (दार्जिलिंग हिल्स) सहयोगी दल ‘भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा’ (BGPM) के लिए छोड़ी गई हैं।
भवानीपुर से लड़ेंगी ममता, शुभेंदु से होगा मुकाबला
सबसे बड़ी खबर यह है कि ममता बनर्जी इस बार अपनी पारंपरिक भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ेंगी। दिलचस्प बात यह है कि भाजपा ने इस सीट से उनके कड़े प्रतिद्वंद्वी शुभेंदु अधिकारी को मैदान में उतारने के संकेत दिए हैं, जिससे भवानीपुर में एक बार फिर ‘हाई-वोल्टेज’ मुकाबला तय माना जा रहा है।
सोशल इंजीनियरिंग पर फोकस
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए ममता ने बताया कि उम्मीदवारों के चयन में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। सूची में 52 महिलाएं शामिल हैं। 95 उम्मीदवार अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से हैं। 47 अल्पसंख्यक उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है।
प्रमुख नाम और रणनीतिक बदलाव
टीएमसी ने कई दिग्गजों पर भरोसा जताया है। कोलकाता पोर्ट से फिरहाद हकीम, बेलेघाटा से पहली बार चुनाव लड़ रहे कुणाल घोष और हाबरा से ज्योतिप्रियो मल्लिक को मैदान में उतारा गया है। वहीं, पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी को इस बार टिकट नहीं मिला है, जबकि मदन मित्रा को कमरहाटी के बजाय बारानगर से प्रत्याशी बनाया गया है।
जीत का भरोसा और विपक्ष पर हमला
ममता बनर्जी ने विश्वास जताया कि टीएमसी 226 से अधिक सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखेगी। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी जनविरोधी नीतियों के कारण इस बार भाजपा की सीटों में भारी गिरावट आएगी। साथ ही, उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा अधिकारियों के तबादले पर सवाल उठाते हुए इसे भाजपा के पक्ष में ‘खेल’ करार दिया।
बता दें बंगाल में मतदान दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026 को होगा, जबकि नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

