बाराबंकी: मधुमक्खियों के हमले से बचने के लिए जलाई आग, चपेट में आने से बुजुर्ग की जिंदा जलकर मौत

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बाराबंकी। जिले के कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत गौतमनपुरवा मजरा रौनी गांव के पास मंगलवार को एक हृदयविदारक हादसा सामने आया। सरपत काटने गए एक बुजुर्ग ने मधुमक्खियों के हमले से बचने के लिए आग जलाई, लेकिन आग बेकाबू होकर फैल गई और वह उसकी चपेट में आकर जिंदा जल गए।

गौतमनपुरवा मजरा रौनी गांव निवासी 61 वर्षीय रामऔतार मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे बाजार से लौटने के बाद गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे सरपत काटने गए थे। इसी दौरान मधुमक्खियों ने उन पर हमला कर दिया। बचाव के लिए उन्होंने सरपत में आग लगाकर धुआं किया, ताकि मधुमक्खियां दूर हो जाएं। हालांकि, आग तेजी से फैलती चली गई और रामऔतार चारों ओर से लपटों में घिर गए।

सूचना मिलने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। देर शाम तक घर न लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। इसी दौरान एक राहगीर से रामऔतार के जलकर मौत की सूचना मिली। परिजन जब घटनास्थल पर पहुंचे तो उनका शव जली अवस्था में पड़ा मिला।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) रितेश कुमार सिंह ने बताया कि मधुमक्खियों से बचने के लिए आग जलाने के दौरान सरपत में आग फैल गई, जिसकी चपेट में आकर बुजुर्ग की मौत हो गई।