आगरा। भारतीय जनता पार्टी दक्षिण विधानसभा क्षेत्र द्वारा भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्य स्मृति में जयपुर हाउस स्थित महाजन भवन में ‘अटल स्मृति सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। सम्मेलन में भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक महान राजनेता नहीं, बल्कि एक संपूर्ण युग और सशक्त विचारधारा के प्रतीक थे। उनकी दूरदर्शिता, सुशासन और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाली नीति ने भारतीय राजनीति को नई दिशा और दशा प्रदान की।
अटल जी के विचारों से भाजपा को मिली वैचारिक मजबूती
अटल जी की जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन आज भी पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके राष्ट्रप्रेम, शालीन व्यवहार और सुशासन की नीति ने भाजपा को वैचारिक रूप से सुदृढ़ किया और संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
इसी क्रम में दक्षिण विधानसभा के मनकामेश्वर मंडल में भी अटल स्मृति सम्मेलन का आयोजन किया गया, जहां मुख्य वक्ता योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि अटल जी के विचारों से प्रेरणा लेकर भाजपा निरंतर सशक्त होती चली गई और लाखों कार्यकर्ता संगठन से जुड़े।
पोखरण से ग्राम सड़क योजना तक ऐतिहासिक निर्णय
कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने अटल सरकार के ऐतिहासिक निर्णयों को याद करते हुए कहा कि पोखरण परमाणु परीक्षण ने भारत को वैश्विक मंच पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने गांव-गांव को सड़क नेटवर्क से जोड़ा, जबकि स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना ने देश के आर्थिक विकास को नई गति दी।
शांति, शिक्षा और संवाद की राजनीति के प्रतीक
उन्होंने कहा कि सर्व शिक्षा अभियान, टेलिकॉम क्रांति और आर्थिक उदारीकरण की मजबूत नींव भी अटल बिहारी वाजपेयी की दूरदर्शिता का परिणाम थी। लाहौर बस यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अटल जी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति, संवाद और सद्भाव की राजनीति को मजबूती दी। विपक्ष के साथ भी संवाद, शालीनता और सम्मान की राजनीति उनके व्यक्तित्व की पहचान थी।
वक्ताओं ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का संपूर्ण जीवन त्याग, सेवा और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा और उनके विचार सदैव देश को दिशा दिखाते रहेंगे।

