नवी मुंबई: कैंसर के उपचार को अब और भी सटीक और व्यक्तिगत बनाने की दिशा में अपोलो हॉस्पिटल्स नवी मुंबई ने एक ऐतिहासिक पहल की है। अस्पताल ने अपने अत्याधुनिक ‘प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी क्लिनिक’ की शुरुआत की है, जहाँ अब ‘जीनोमिक्स’ (Genomics) आधारित इलाज किया जाएगा। यह क्लिनिक पारंपरिक ‘वन-साइज़-फ़िट्स-ऑल’ (सबके लिए एक जैसा इलाज) के तरीके को बदलकर हर मरीज की अनुवांशिक बनावट और जीवनशैली के आधार पर थेरेपी तय करेगा।
क्यों खास है यह तकनीक?
लीड कंसल्टेंट डॉ. ज्योति बाजपेयी ने बताया कि जीनोमिक्स की मदद से अब कैंसर के सबटाइप्स को गहराई से समझा जा सकेगा। उदाहरण के तौर पर, ब्रेस्ट कैंसर के कई अलग-अलग रूप (जैसे ट्रिपल-नेगेटिव या HER2) हो सकते हैं, और हर रूप के लिए इलाज की डोज़ और दवा अलग होनी चाहिए। यह क्लिनिक ‘सही मरीज के लिए सही दवा’ के सिद्धांत पर काम करेगा, जिससे साइड इफेक्ट्स कम और सफलता की दर अधिक होगी।
मरीजों की जरूरतों पर फोकस:
वेस्टर्न रीजन के रीजनल सीईओ श्री अरुणेश पुनेथा ने कहा कि अब इलाज केवल बीमारी तक सीमित नहीं होगा, बल्कि मरीज के पेशे, पसंद और जीवन परिस्थितियों (बायोलॉजी) को ध्यान में रखकर किया जाएगा। मल्टीडिसिप्लिनरी ट्यूमर बोर्ड और नई पीढ़ी की जीनोमिक सीक्वेंसिंग के साथ यह क्लिनिक कैंसर उपचार को अधिक सुरक्षित और परिणाम-केंद्रित बनाएगा।
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-अनिल बेदाग

