महाभारत काल से जुड़ा है आगरा का इतिहास
यूपी ब्रह्माण्ड है तो चन्द्रमा है ताजमहल
डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए सबसे खूबसूरत और सस्ता शहर है आगरा
विश्व पटल पर पर्यटकों को प्रभावित करती आगरा की हस्तकला
आगरा। टूरिज्म गिल्ड ऑफ आगरा, भारत पर्यटन और यूपी टूरिज्म ने स्पीहा संस्था के सहयोग से ताज महोत्सव के तत्वावधान में आगरा बियॉन्ड ताज कार्यक्रम का आयोजन होटल जेपी प्लेस कन्वेंशन सेंटर में अयोजित किया। आगरा में सतत पर्यटन की प्रथाओं को अपनाते हुए एक टिकाऊ भविष्य के द्वार खोलना’ विषय पर आयोजित हुए सेमिनार की शुरूआत अतिथियों व वक्ताओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। एक्सपर्ट पेनलिस्ट के पैनल से पूर्व वक्ताओं ने शहर के इतिहास पर रोचक जानकारी दी।
पर्यटन विशेषज्ञ अरुण डंग ने कहा कि आगरा का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा है। चमड़े का सिक्का आगरा की जमीं पर ही चला। शाहजहां ने ताज के निर्माण के बाद मजदूरों के हाथ कटवा दिए थे। ये बात सही नहीं है।
भारतीय पर्यटन नार्थ के क्षेत्रीय निर्देशक आरके सुमन ने कहा कि कुरुक्षेत्र में महाभारत हुई जबकि वहां कि और भी कई कहानियां है पर हम महाभारत के बारे में जानते है। वहां लाइट एंड साउंड शो होता है और भी बहुत कुछ है। ऐसे ही आगरा में ताजमहल के अलावा भी पर्यटकों के कई स्थल है। आज लोग सोशल मीडिया के जरिये उन स्थानों के बारे में जान रहे है।
स्थिरता एक्सपर्ट आशु गुप्ता ने कहा कि आगरा बियॉन्ड ताज कार्यक्रम आगरा को नयी दृष्टिकोण के साथ देखने को प्रेरित करता है। मुझे लगता है जल्द ही दिल्ली से स्टीमर में बैठकर कर पर्यटक ताज को देखने आएंगे। आगरा में ताज के साये में डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए जयपुर व उदयपुर से अच्छे होटल और खूबसूरत स्थान है। शहरवासी और होटल पर्यटकों को बताएं कि ये बाकि शहरों से सस्ते भी है। आगरा की हस्तकला भी विश्व पटल पर पर्यटकों को प्रभावित करती है।
आउटलुक की प्रोजेक्ट संपादक सोइती बनर्जी ने कहा कि हमें आगरा को सामान्य नज़रिये से ना देखते हुए खास की नज़र से देखना होगा। हमें जिम्मेदार नागरिक के तौर पर स्थायी पर्यटन तलाश कर भविष्य के बारे में सोचना होगा। अनावश्यक विमान यात्रा से बचना चाहिए। मौसमीता को कम करने के लिए प्रयास करने चाहिए। पर्यटन से जुड़े विकास को सामंजस्यपूर्ण तरीके से करना चाहिए। पर्यटन से जुड़े विकास में स्थानीय समुदायों की ज़रूरतों को ध्यान में रखना चाहिए।
स्पीहा के उपाध्यक्ष राजीव नारायण ने कहा कि उत्तर प्रदेश अगर ब्रह्माण्ड है तो पर्यटन का चन्द्रमा है ताजमहल, इसलिए कहते है कि उत्तर प्रदेश नहीं देखा तो कुछ नहीं देखा। हिंदुस्तान के पर्यटन कि राजधानी आगरा है।
चम्बल सफारी के चेयरमैन रामप्रताप सिंह ने कहा कि लगभग हर पांच में से चार भारतीय यात्री ऐसे तरीकों से यात्रा करना चाहते हैं,जिससे स्थानीय समुदायों को आर्थिक और सामाजिक दोनों रूप से सकारात्मक लाभ हो। भारत में ज़िम्मेदार यात्रा की लोकप्रियता को कई प्रमुख रुझान बढ़ावा दे रहे हैं, जो देश में पर्यटन के भविष्य को आकार देने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
छह पेनलिस्ट के पैनल में चम्बल सफारी के चेयरमेन राम प्रताप सिंह,जेपी होटल के वाइस प्रेजिडेंट हरी सुकुमार, टूरिज्म गिल्ड ऑफ़ आगरा के अध्यक्ष राजीव सक्सेना, स्थिरता एक्सपर्ट आशु गुप्ता, आउटलुक की प्रोजेक्ट संपादक सोइती बनर्जी और स्पीहा के उपाध्यक्ष राजीव नारायण ने अपने विचार रखे। टूरिज्म गिल्ड ऑफ आगरा के अध्यक्ष राजीव सक्सेना ने धन्यवाद ज्ञापन दिया । संचालन सुधीर नारायण ने किया।
इस अवसर पर क्लार्क शिराज के वाइस प्रेसीडेंट अमूल्य कक्कड़, डॉ.डीवी शर्मा, प्रमुख समाज सेवी/उद्यमी पूरन डावर, वेद खन्ना,पंकज महेन्द्रू, देवाशीष भौमिक, रिचा बंसल, शब्द मिश्रा, डॉ. नवीन गुप्ता, पंकज गुप्ता, शक्ति सिंह, राजेश शर्मा आदि मौजूद रहे।