आगरा। जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी के निर्देशों के क्रम में जनपद में उर्वरक वितरण व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से जिला कृषि अधिकारी श्री विनोद कुमार द्वारा उर्वरक बिक्री केन्द्रों का औचक निरीक्षण कराया गया। यह कार्रवाई कृषि विभाग के समस्त क्षेत्रीय कर्मचारियों के माध्यम से की गई, जिसमें उर्वरक की उपलब्धता, वितरण प्रक्रिया और निर्धारित दरों के अनुपालन की जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान कई उर्वरक प्रतिष्ठानों पर पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन में दर्ज स्टॉक और भौतिक रूप से उपलब्ध उर्वरक की मात्रा में अंतर पाया गया। साथ ही कुछ प्रतिष्ठानों द्वारा कृषकों को निर्धारित दर पर यूरिया उर्वरक उपलब्ध न कराए जाने की शिकायतें भी सामने आईं। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए 08 उर्वरक प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया गया, जबकि 07 उर्वरक प्रतिष्ठानों के उर्वरक प्राधिकार को निलंबित करते हुए उनकी उर्वरक आपूर्ति पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया।
निलंबित किए गए प्रतिष्ठानों में न्यू कृष्णा खाद बीज भण्डार, ककुआ (बरौली अहीर), पंडित खाद बीज भण्डार, ककुआ (बरौली अहीर), रामपुरिया खाद बीज भण्डार, मंडी मिर्जा खां (फतेहपुर सीकरी), इफको ई- बाजार, मंडी मिर्जा खां (फतेहपुर सीकरी), नवीन खाद बीज भण्डार और महावीर खाद बीज भण्डार (शमशाबाद) तथा एस.के. खाद बीज भण्डार, किरावली शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त बी-पैक्स, मिढाकुर में भी पीओएस मशीन में दर्शाई गई मात्रा और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाए जाने पर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक (सहकारिता), आगरा को नियमानुसार कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।
जिला कृषि अधिकारी ने निरीक्षण के दौरान सभी उर्वरक विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि कृषकों को आधार कार्ड एवं खतौनी प्राप्त कर, शासन द्वारा निर्धारित दर पर संस्तुत मात्रा के अनुरूप ही उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनपद में यूरिया उर्वरक की किसी प्रकार की कमी नहीं है। वर्तमान में 84 साधन सहकारी समितियों पर लगभग 11,060 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है, जबकि 625 निजी उर्वरक विक्रेताओं के पास भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि उर्वरक वितरण एवं उपलब्धता की निगरानी आगे भी लगातार जारी रहेगी। यदि किसी भी स्तर पर उर्वरकों की बिक्री या वितरण में अनियमितता पाई गई, तो संबंधित के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, ताकि कृषकों को समय पर और उचित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराया जा सके।

