आगरा। कागारौल थाना क्षेत्र में आगरा पुलिस ने नकली शराब के बड़े अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया है। एक घर के भीतर अंग्रेजी शराब बनाने की फैक्ट्री संचालित की जा रही थी, जहां से भारी मात्रा में नकली शराब और केमिकल बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी के दो बेटों समेत चार लोग मौके से फरार हो गए।
मामला कागारौल क्षेत्र के अकोला गांव का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव निवासी सत्यप्रकाश अपने बेटों और सहयोगियों के साथ मिलकर घर के अंदर ही नकली अंग्रेजी शराब तैयार कर रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आबकारी विभाग और सर्विलांस टीम के साथ संयुक्त रूप से छापेमारी की।
छापे के दौरान सबूत मिटाने की कोशिश
पुलिस के पहुंचते ही आरोपियों में अफरातफरी मच गई। खुद को घिरा देख मुख्य आरोपी सत्यप्रकाश और उसके साथियों ने शराब बनाने में इस्तेमाल हो रहे मैटेरियल में आग लगाने की कोशिश की, ताकि सबूत नष्ट किए जा सकें। हालांकि, पुलिस की सतर्कता से आग पर तुरंत काबू पा लिया गया और बड़ा हादसा टल गया।
ऐसे तैयार की जाती थी नकली शराब
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पानी, स्प्रिट और अन्य केमिकल मिलाकर नकली अंग्रेजी शराब बनाते थे। इसके बाद उसे खाली बोतलों में भरकर ढक्कन, लेबल और पैकिंग के जरिए असली शराब की तरह तैयार किया जाता था। इस शराब की सप्लाई आगरा के अलावा बिहार तक किए जाने की योजना थी।
भारी मात्रा में सामग्री बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 74 पेटी नकली शराब, करीब 50 लीटर स्प्रिट, 89 खाली शराब की बोतलें, ढक्कन, लेबल और पैकिंग का अन्य सामान बरामद किया है।
गिरफ्तार और फरार आरोपी
पुलिस ने इस मामले में सत्यप्रकाश, नरेश, उम्मेद सिंह और प्रशांत को गिरफ्तार किया है। वहीं कृष्णा, शिवशंकर, सौरभ और धर्मवीर फरार हैं। फरार आरोपियों में सौरभ और शिवशंकर मुख्य आरोपी सत्यप्रकाश के बेटे बताए जा रहे हैं। पुलिस टीम उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस का कहना है कि नकली शराब का यह नेटवर्क लोगों की जान के लिए बेहद खतरनाक है। मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

