आगरा। महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने मंगलवार को जलकल विभाग का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों को शहरवासियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जलापूर्ति से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी और सभी काम प्राथमिकता के आधार पर किए जाएं।
निरीक्षण के दौरान महापौर ने पुरानी व ध्वस्त पाइपलाइनों की मरम्मत, जर्जर ढांचों के चिन्हांकन व दुरुस्तीकरण तथा जल टंकियों की नियमित सफाई के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर त्वरित अमल के निर्देश दिए। वाटर वर्क्स चौराहा स्थित जलकल कार्यालय में निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को शीघ्र दूर करने को कहा गया।
महापौर ने जलकल विभाग के महाप्रबंधक को निर्देशित किया कि शहर की सभी जल टंकियों की सफाई प्राथमिकता के साथ कराई जाए तथा पाइपलाइन लीकेज की मरम्मत गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही टंकियों की सफाई को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जलकल विभाग एक हेल्पलाइन नंबर जारी करे, जिससे नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें। शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु कंट्रोल रूम स्थापित कर हेल्पलाइन नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
हर वार्ड में पार्षदों के साथ निरीक्षण के निर्देश
महापौर ने अधिकारियों से कहा कि वे संबंधित पार्षदों के साथ प्रत्येक वार्ड का निरीक्षण करें और वहां की जलापूर्ति से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें। उन्होंने बताया कि स्वच्छ पेयजल आपूर्ति को लेकर मुख्यमंत्री स्तर से भी स्पष्ट निर्देश हैं, जिनका कड़ाई से पालन किया जाए।
आवास विकास क्षेत्र में भी निरीक्षण
महापौर ने आवास विकास क्षेत्र का भी दौरा कर सुपर-सकर मशीन से हो रहे सफाई कार्य का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि पानी और सीवर लाइनों में किसी भी प्रकार की लीकेज न रहे, ताकि पेयजल के दूषित होने की आशंका समाप्त की जा सके। निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय पार्षद निरंजन सिंह कैन भी उपस्थित रहे।

