Agra News: अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र को लेकर उद्यान और वन मंत्रियों ने संयुक्त रूप से की समीक्षा बैठक, प्रस्तावित स्थल सींगना का किया निरीक्षण

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आगरा। आलू प्रक्षेत्र सींगना में स्थापित होने जा रहे अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र की प्रगति को लेकर आज सर्किट हाउस में उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह और वन मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करने के बाद राजकीय उद्यान प्रक्षेत्र सींगना का स्थलीय निरीक्षण किया।

बैठक में सींगना में अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र की स्थापना हेतु अब तक हुई प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि उद्यान विभाग द्वारा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार तथा अन्तर्राष्ट्रीय आलू केन्द्र पेरू, लीमा के सहयोग से राजकीय आलू प्रक्षेत्र सींगना में अन्तर्राष्ट्रीय आलू केन्द्र पेरू की शाखा स्थापित किए जाने हेतु चिन्हित 10 हेक्टेयर भूमि को 99 वर्ष के लिए राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड को लीज (पट्टे) पर निःशुल्क दे दिया गया है। साथ ही राजस्व अभिलेखों/खतौनी में भी दर्ज करा दिया गया है। राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केन्द्र का भवन तीन वर्षों के लिए निःशुल्क रूप में राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड भारत सरकार को उपयोग हेतु दिए जाने के निर्देश दिए गये हैं।

उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप ने बताया कि आगरा में स्थापित होने वाला केन्द्र विश्व में चौथा होगा। इससे पूर्व पेरू, केन्या, चीन में सीआईपी स्थापित किए गये हैं। इस केन्द्र की स्थापना हेतु 7724.44 लाख रुपये का प्रस्ताव उद्यान विभाग को प्रेषित किया गया है।

बैठक में प्रस्तावित अन्तर्राष्ट्रीय आलू केन्द्र के कार्मिकों के आने जाने हेतु सूरसरोवर पक्षी बिहार कीठम के मध्य बनी सड़क का उपयोग विभिन्न शर्तों के अधीन उपयोग करने की अनुमति प्रदान की गई है। यह क्षेत्र ईको सेंन्सेटिव जोन घोषित होने के कारण सड़क उपयोग के दूरगामी प्रभाव का अध्ययन न्यायालय एवं बीएनएचएस से अनुमति प्राप्त करने तथा सूरसरोवर पक्षी बिहार में होने वाले दूरगामी प्रभाव का अध्ययन बीएनएचएस या वाइल्ड लाइफ इंन्स्टीट्यूट ऑफ इण्डिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से कराने का अनुरोध किया गया है।

उन्होंने बताया कि अन्तर्राष्ट्रीय आलू केन्द्र के कार्मिकों के आने जाने हेतु सूरसरोवर पक्षी बिहार कीठम के मध्य बनी सड़क के माध्यम से अनुमति हेतु उप वन संरक्षक, राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी प्रोजेक्ट को निर्देशित किया गया है। सूरसरोवर पक्षी विहार से होकर जाने वाले मार्ग का सीमित एवं नियमित प्रयोग अन्तर्राष्ट्रीय आलू अनुसंधान संस्थान पेरू की सींगना शाखा में कार्यरत वैज्ञानिकों द्वारा प्रयोग किए जाने हेतु पूर्णतः स्वचालित, आधुनिक इंटेलिजेंट इलेक्ट्रॉनिक गेट का निर्माण, गेट की पूर्णकालिक सुरक्षा व रख-रखाव तथा सुरक्षा श्रमिकों को नियोजित किए जाने हेतु वन विभाग को उद्यान विभाग द्वारा बजट उपलब्ध कराया जायेगा। गेट से आगे की यात्रा हेतु बैटरी चालित अप्रदूषणकारी वाहन की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी। इस कार्य को जल्द सम्पादित किया जायेगा।

उद्यान मंत्री ने बताया कि हाल ही में अन्तर्राष्ट्रीय आलू केन्द्र के महानिदेशक डॉ. साइमन हेक द्वारा केन्द्र की स्थापना के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की गई है। उन्होंने बताया कि जनपद आगरा व उसके आस-पास के पड़ोसी जनपदों में बहुत बड़े क्षेत्रफल में आलू की कृषि की जाती है। अन्तर्राष्ट्रीय आलू केन्द्र की स्थापना से किसानों को विश्व स्तरीय बीज प्राप्त होगा। जिससे गुणवत्ता तथा उत्पादन में उल्लेखनीय प्रगति के साथ आलू उत्पादन की नई तकनीकी भी कृषकों को मिलती रहेगी।

उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार किसानों के उपज उत्पादन बढ़ाने और उनकी आय दोगुनी करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। जनपद आगरा के लिए यह गौरव का विषय है कि यहां अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के केन्द्र की स्थापना होने जा रही है। यहां से तैयार हुए आलू बीज को अन्य देशों में भी निर्यात किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि मई या जून में सींगना स्थित केन्द्र का सीआईपी के बोर्ड के प्रतिनिधि मण्डल का आगमन भी प्रस्तावित है।

बैठक में वन, पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि अन्तर्राष्ट्रीय आलू केन्द्र, आगरा ही नहीं यूपी व देश के किसानों हेतु अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने उपस्थित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि उद्यान विभाग से पूर्ण समन्वय करते हुए सभी मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कर यथाशीघ्र कार्य को सम्पादित कराना सुनिश्चित करें।

इस अवसर पर ’इंटरनेशनल पोटेटो सेंटर (सीआईपी) के एडमिनिस्ट्रेटिव हेड जेनोथन मैक्की, प्रमुख सचिव उद्यान बीएल मीणा, मंडलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी, डीएफओ आदर्श कुमार, डीएफओ चंबल सेंचुरी चांदनी सिंह, उप निदेशक उद्यान डॉ. धर्मपाल, अधीक्षक राजकीय उद्यान रजनीश पाण्डे, राष्ट्रीय बागबानी बोर्ड के प्रतिनिधि सहित उद्यान व वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित रहे।