आगरा। ताजनगरी के मोती कटरा क्षेत्र में सोमवार को जैन धर्म की भक्ति और उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला। मेडिटेशन गुरु उपाध्यायश्री विहसंत सागर महाराज ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश श्री संभवनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में हुआ। इस पावन अवसर पर आगामी पंचकल्याणक महोत्सव की तैयारियों के तहत प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के माता-पिता के सम्मान और गोद भराई का भव्य समारोह संपन्न हुआ।
भजन-कीर्तन और जयघोष के साथ मंगल विहार
उपाध्यायश्री ने सोमवार प्रातः 7 बजे सेक्टर-7 बोदला स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से विहार प्रारंभ किया। बैंड-बाजों, भजनों और ‘गुरुवर’ के जयकारों के साथ जब मुनि संघ मोती कटरा पहुंचा, तो सकल जैन समाज ने पलक-पावड़े बिछाकर उनका स्वागत किया। मंदिर में दर्शन के उपरांत उपाध्यायश्री ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए अपने आशीर्वचन प्रदान किए।
तीर्थंकर माता-पिता का भव्य सम्मान
अप्रैल माह में प्रस्तावित पंचकल्याणक महोत्सव के लिए श्री पारस दास जैन एवं श्रीमती स्नेहलता जैन को भगवान आदिनाथ के माता-पिता बनने का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उपाध्यायश्री के सानिध्य में आयोजित ‘प्रथम गोद भराई’ समारोह में श्रद्धालुओं ने मेवा, फल और अखरोट से माता की गोद भरी। वहीं, तीर्थंकर पिता का तिलक लगाकर और दुपट्टा पहनाकर अभिनंदन किया गया।
भक्ति में सराबोर रहा जैन समाज
इस धार्मिक उत्सव में मोती कटरा जैन समाज के अध्यक्ष राकेश जैन ‘पर्देवाले’, अनिल जैन, अनंत जैन सहित अग्रवाल दिगंबर जैन महासभा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय भजनों और ‘जय जिनेंद्र’ के नारों से गूंज उठा।

