Agra News: फतेहपुर सीकरी में पर्यटकों से ठगी, मुंबई से आए परिवार से अवैध गाइड ने टिकट से लेकर चादर तक के वसूले हजारों रुपये

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आगरा/फतेहपुर सीकरी। देश-विदेश में भारत की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक विश्व धरोहर स्मारक फतेहपुर सीकरी में अवैध गाइडों की मनमानी एक बार फिर सामने आई है। महाराष्ट्र के मुंबई से भ्रमण पर आए एक परिवार को यहां अवैध टूरिस्ट गाइड ने ठगी का शिकार बना लिया, जिससे पर्यटन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मुंबई निवासी रुचिका गाड़ेकर अपने पति और बेटे के साथ फतेहपुर सीकरी पहुंचीं। आरोप है कि स्मारक के बाहर मौजूद अवैध गाइड ने निर्धारित 50 रुपये के टिकट को 300 रुपये प्रति व्यक्ति बताते हुए तीन लोगों के नाम पर 900 रुपये वसूल लिए, जबकि बच्चे का टिकट लगना भी नहीं था। इसके साथ ही गाइड ने 900 रुपये गाइड चार्ज भी तय कर लिया।

पीड़िता के अनुसार, स्मारक के भीतर ले जाकर गाइड न तो सही जानकारी दे रहा था और न ही व्यवस्थित ढंग से भ्रमण करा रहा था। वह तेजी से चलते हुए स्मारक घुमाता रहा। इसी दौरान जब परिवार की नजर टिकट शुल्क बोर्ड पर पड़ी, तो वहां वास्तविक टिकट मूल्य 50 रुपये दर्ज था, लेकिन तब तक वे ठगी का शिकार हो चुके थे।

इसके बाद गाइड उन्हें दरगाह परिसर में ले गया और जबरन चादर चढ़ाने का दबाव बनाया। मना करने पर सोमवार और बाबा का दिन होने की बात कहकर भावनात्मक दबाव डाला गया। गाइड ने दंपति से 5100 रुपये की चादर खरीदवाई और चादर चढ़ाते समय 200 रुपये अलग से रखने को कहा, जिसे उसने चुपके से अपनी जेब में डाल लिया। नीचे उतरने पर जूते रखने के नाम पर भी भुगतान कराया गया।

मामला बढ़ने पर मौके पर तैनात पर्यटन पुलिस कर्मी प्रमोद कुमार पहुंचे। पीड़ित परिवार की शिकायत सुनते ही उन्होंने लिखित शिकायत ली और तत्परता दिखाते हुए गाइड से 5100 रुपये वापस कराए। पर्यटन पुलिस ने बताया कि संबंधित गाइड के खिलाफ पर्यटन विभाग को रिपोर्ट भेज दी गई है और आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

पर्यटन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फतेहपुर सीकरी जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल पर सैलानियों से ठगी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पर्यटकों से अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत गाइडों की सेवाएं लें और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या अवैध वसूली की स्थिति में तुरंत पर्यटन पुलिस को सूचना दें।

यह घटना एक बार फिर इस ओर इशारा करती है कि विश्व धरोहर स्थलों पर अवैध गाइडों पर सख्त नियंत्रण और प्रभावी निगरानी बेहद जरूरी है, ताकि भारत की पर्यटन छवि सुरक्षित रहे और पर्यटकों का भरोसा बना रहे।