Agra News: मेयर के ‘भरोसे’ पर थमा सर्राफा आंदोलन, ट्रेड लाइसेंस शुल्क खत्म करने का वादा, वरना निगम में जमा होंगी दुकानों की चाबियां

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आगरा: ट्रेड लाइसेंस शुल्क को लेकर नगर निगम और सर्राफा व्यापारियों के बीच चल रही तनातनी फिलहाल ‘शांति’ की ओर बढ़ती दिख रही है। सोमवार को आगरा सर्राफा एसोसिएशन के बैनर तले बड़ी संख्या में व्यापारियों ने नगर निगम पहुंचकर मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह से मुलाकात की। मेयर की ओर से आगामी कार्यकारिणी बैठक में इस शुल्क को पूरी तरह समाप्त करने का ठोस आश्वासन मिलने के बाद व्यापारियों ने अपना प्रस्तावित आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया है।

​’वादा खिलाफी हुई तो आंदोलन होगा और उग्र’

एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि व्यापारियों ने मेयर की बात का मान रखते हुए सद्भावना के तौर पर विरोध प्रदर्शन टाला है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि अगली कार्यकारिणी बैठक में शुल्क समाप्ति की औपचारिक घोषणा नहीं की गई, तो व्यापारी चुप नहीं बैठेंगे।

दुकानों की चाबियां सौंपने की तैयारी

व्यापारियों ने दो-टूक कहा है कि यदि नगर निगम अपने वादे से पीछे हटता है, तो शहर के सभी सर्राफा कारोबारी सामूहिक रूप से अपनी दुकानों की चाबियां निगम कार्यालय में जमा कर देंगे। व्यापारियों का कहना है कि इस स्थिति में होने वाले किसी भी व्यापारिक नुकसान या कानून-व्यवस्था की स्थिति की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

​टर्नओवर आधारित शुल्क पर आपत्ति

वरिष्ठ व्यापारी अशोक कुमार अग्रवाल और बृजमोहन रैपुरिया ने तकनीकी पक्ष रखते हुए कहा कि सोना-चांदी की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे कागजों पर टर्नओवर बहुत अधिक दिखता है, लेकिन वास्तविक मुनाफा बहुत कम होता है। ऐसे में टर्नओवर के आधार पर लाइसेंस शुल्क वसूलना अव्यावहारिक है और यह छोटे व मध्यम वर्ग के व्यापारियों की कमर तोड़ देगा।

​प्रमुख उपस्थिति:

मुलाकात के दौरान मनोज गुप्ता, मयंक अग्रवाल, गणेश चंद्र गोयल, राजकुमार अग्रवाल, अनिल मित्तल, पवन कुमार वर्मा, विजय अग्रवाल, जुगल अग्रवाल समेत शहर के कई दिग्गज सर्राफा कारोबारी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मांग की कि व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए इस विवादित प्रस्ताव को जल्द से जल्द निरस्त किया जाए।