Agra News: किराए की गाड़ी से घूमकर रेकी और पशुओं की आवाज निकाल कर साथियों को देते थे संकेत; बंद मकानों में चोरी करने वाले 6 शातिर गिरफ्तार

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आगरा: ताजनगरी के ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से बंद मकानों को निशाना बनाकर पुलिस के लिए सिरदर्द बने एक शातिर चोर गिरोह का पुलिस ने आखिरकार पर्दाफाश कर दिया है। यह गिरोह चोरी करने की बेहद अनोखी और हाई-टेक कार्यप्रणाली (Modus Operandi) अपनाता था। गिरोह के सदस्य पकड़े जाने से बचने के लिए फोन पर बात करने के बजाय पक्षियों या जानवरों की आवाज निकालकर अपने साथियों को खतरे का संकेत देते थे। थाना कागारौल पुलिस, स्वाट (SOG) और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में इस अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड समेत छह सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।

20 सदस्यों का नेटवर्क, पांच-पांच की टीम में बांटते थे काम

​पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस संगठित गिरोह में कुल 20 सदस्य शामिल हैं। ये सभी एक साथ किसी वारदात को अंजाम नहीं देते थे, बल्कि करीब पांच-पांच लोगों की अलग-अलग छोटी टीमों में बंटकर काम करते थे। एक टीम दिन के वक्त किराए की लग्जरी गाड़ियों से गांवों में घूमकर बंद मकानों की रेकी करती थी, जबकि दूसरी टीम रात के अंधेरे में उन मकानों को अपना निशाना बनाती थी। गिरोह का मुख्य फोकस देहात के इलाकों और जिला सीमाओं से सटे गांवों पर रहता था।

​जानवरों की आवाज निकालकर देते थे साथियों को चेतावनियां

​इस गिरोह की सबसे बड़ी खासियत उनका संपर्क साधने का तरीका था। चोरी के दौरान यदि किसी सदस्य को पुलिस, जाग रहे ग्रामीणों या किसी अन्य व्यक्ति की मौजूदगी का शक होता था, तो वे मोबाइल का इस्तेमाल करने से बचते थे ताकि कॉल रिकॉर्डिंग या टॉवर लोकेशन ट्रेस न हो सके। इसके बजाय वे पक्षियों या जंगली जानवरों जैसी अजीब आवाजें निकालकर अपने साथियों को सतर्क कर देते थे। इस अनोखे हथकंडे के दम पर यह गिरोह लंबे समय तक कानून की पकड़ से दूर रहने में कामयाब रहा।

​किराए की कारों से करते थे सफर, कई जिलों में फैला है नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, आरोपी एक जिले से दूसरे जिले में आने-जाने के लिए हमेशा किराए की कारों और एसयूवी (SUV) का इस्तेमाल करते थे। निजी वाहन न होने के कारण शुरुआती दौर में उनकी पहचान करना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह ने ताजनगरी आगरा के अलावा गाजियाबाद, गोरखपुर और हरियाणा के कई जिलों में भी बड़ी चोरियों को अंजाम दिया है। पुलिस अब अन्य राज्यों और जिलों के थानों से संपर्क कर इनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है।

झारौठी और गोपऊ में कबूली वारदातें

कड़ाई से पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अछनेरा क्षेत्र के झारौठी गांव में 13-14 सितंबर की रात तथा किरावली क्षेत्र के गोपऊ गांव में 14-15 सितंबर की रात छत के रास्ते बंद मकानों में घुसकर नकदी और कीमती जेवरात चोरी करने की बात स्वीकार की है। इसके अलावा 22 सितंबर की रात मथुरा हाईवे से लालऊ पुल होते हुए कागारौल पहुंचे इन चोरों ने नहर और बाजरे के खेतों का गुप्त रास्ता चुनकर दो घरों को खंगाला था।

​मास्टरमाइंड समेत छह आरोपी गिरफ्तार

​पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए गिरोह के छह शातिर सदस्यों मीर हसन, हुसैन खान, सरमीन, अंकित जाटव, इलियास और जीन खान को धर दबोचा है। इनमें गिरोह का मुख्य सरगना भी शामिल है, जिसके खिलाफ अकेले विभिन्न थानों में 15 से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी का कुछ माल भी बरामद किया है। फिलहाल, पुलिस गिरोह के बाकी बचे सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश दे रही है।