आगरा चर्चित ‘संदीप मौत प्रकरण’: कोर्ट मैरिज के बहाने बुलाकर हत्या का आरोप; प्रेमिका समेत 4 पर केस दर्ज करने के आदेश

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आगरा: आगरा के चर्चित ‘संदीप मौत प्रकरण’ में अब एक नया और गंभीर मोड़ आ गया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतक संदीप के भाई की याचिका पर प्रेमिका और उसके परिवार के सदस्यों समेत कुल चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इस सनसनीखेज मामले की अब जीआरपी आगरा कैंट द्वारा गहन जांच की जाएगी।

​क्या है पूरा मामला?

मृतक संदीप के भाई कायम सिंह द्वारा अदालत में दायर याचिका के अनुसार, संदीप और भावना के बीच प्रेम संबंध थे, जिससे भावना का परिवार बेहद नाराज था। आरोप है कि 20 मार्च को भावना ने कोर्ट मैरिज का बहाना बनाकर संदीप को जयपुर से आगरा बुलाया था। संदीप जैसे ही आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचा, भावना और उसके परिजनों ने उससे मुलाकात की। इसके कुछ समय बाद ही संदीप रहस्यमय तरीके से लापता हो गया और बाद में उसका शव एक पेड़ से लटका हुआ मिला।

परिवार का दावा: साजिश के तहत की गई हत्या

परिजनों का आरोप है कि संदीप ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि प्रेम संबंधों के विरोध में भावना के परिजनों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत उसकी हत्या कर दी। परिवार का दावा है कि संदीप को पहले भी जान से मारने की धमकियां दी गई थीं। शव को पेड़ पर लटकाए जाने के पीछे मुख्य उद्देश्य इसे आत्महत्या का रूप देकर सच को छुपाना था।

अदालत का कड़ा रुख

अदालत ने प्रथम दृष्टया साक्ष्यों और वादी पक्ष के आरोपों पर विचार करने के बाद इसे हत्या का मामला मानते हुए प्रेमिका भावना, उसके पिता गिरिंद, ताऊ मकरंद और मौसा सुरेश के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का आदेश दिया है। इन आरोपियों पर हत्या, आपराधिक षड्यंत्र रचने और साक्ष्य मिटाने जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।

अब आगे क्या?

मामले की जांच की जिम्मेदारी जीआरपी आगरा कैंट को सौंपी गई है। पुलिस अब घटना के दिन के डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल कॉल डिटेल (CDR), घटनास्थल के हालातों और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच करेगी। इस आदेश के बाद अब आरोपियों की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही अब आगे की कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।