दादरी में नव विवाहिता की संदिग्ध मौत के बाद कर रहे थे अंतिम संस्कार, जलती हुई चिता से पुलिस ने शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा

Crime

गौतमबुद्धनगर: दादरी के घोड़ी बछेड़ा गांव से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। 20 वर्षीय मोनिका नागर की संदिग्ध मौत के बाद जब ससुराल पक्ष ने गुपचुप तरीके से शव का अंतिम संस्कार करने की कोशिश की, तो पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जलती चिता से शव को बाहर निकलवाया। मायके पक्ष की शिकायत के बाद पुलिस अब इस पूरे मामले की हत्या और साजिश के एंगल से जांच कर रही है।

प्रेम विवाह और तीन महीने में ही बिखर गए सपने

जानकारी के मुताबिक सेक्टर ज्यू निवासी मोनिका नागर ने 16 फरवरी को घोड़ी बछेड़ा गांव के रहने वाले अनुज चौहान से कोर्ट मैरिज की थी। दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे क्योंकि उनके परिवारों के बीच पहले से संपर्क था। बताया जा रहा है कि दोनों के पिता ग्रेटर नोएडा में ऑटो चलाते हैं, जिसके कारण दोनों परिवारों में आना-जाना था। शुरुआत में परिवार इस रिश्ते के खिलाफ थे, लेकिन दोनों की जिद के बाद शादी के लिए हामी भर दी गई। हालांकि शादी के तीन महीने के भीतर ही रिश्ते में तनाव की खबरें सामने आने लगी थीं। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद मोनिका को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।

करोड़ों की संपत्ति और हत्या की साजिश

गुरुवार को मोनिका और उसके पति अनुज के बीच रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। गांव के लोगों के मुताबिक दोनों के बीच काफी कहासुनी हुई। ससुराल पक्ष का कहना है कि विवाद के बाद मोनिका कमरे में चली गई और अंदर से कुंडी लगा ली। बाद में जब दरवाजा तोड़ा गया तो उसका शव मिला। लेकिन मायके पक्ष इस कहानी को मानने को तैयार नहीं है। उनका आरोप है कि मोनिका की हत्या की गई और बाद में मामले को दबाने के लिए जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करने की कोशिश हुई।

“फोन पर बेटी ने मारपीट की बात कही थी”

मोनिका की मां रेनू नागर ने पुलिस को दी शिकायत में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि घटना से पहले बेटी ने फोन कर बताया था कि उसके साथ मारपीट की जा रही है। परिजनों के मुताबिक जब वे घोड़ी बछेड़ा पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष के लोग शव को कार में रखकर ले जा रहे थे और जल्द से जल्द अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। मां ने आरोप लगाया कि पति अनुज, उसके परिवार और कुछ अन्य लोगों ने मिलकर मोनिका की हत्या की है।

संपत्ति को लेकर भी लगाया दबाव का आरोप

परिवार का कहना है कि मोनिका के नाम पर एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति थी। आरोप है कि शादी के बाद ससुराल पक्ष उस संपत्ति को बेचने और रुपये लाने का दबाव बना रहा था। मोनिका की मां ने कहा कि दहेज और पैसों को लेकर बेटी को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा था।

पुलिस ने जलती चिता से निकाला शव

मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दादरी के एसीपी जितेंद्र कुमार सिंंह ने बताया कि जब पुलिस पहुंची तब अंतिम संस्कार की प्रक्रिया चल रही थी। पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए शव को चिता से निकलवाया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक शव का कुछ हिस्सा जल चुका था। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। फिलहाल शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।