आगरा: ताजनगरी में एक ऐसी शादी चर्चा का विषय बनी हुई है, जहाँ रस्मों से बढ़कर सपनों को तरजीह दी गई। 21 फरवरी को परिणय सूत्र में बंधी अनीशा की विदाई डोली में बैठकर ससुराल के लिए नहीं, बल्कि दुल्हन के जोड़े में सीधे विकास भवन के लिए हुई। पति मनोज के अटूट सहयोग और परिवार की प्रगतिशील सोच ने इस पल को यादगार बना दिया।
फेरों के बीच आया ‘इंटरव्यू’ का बुलावा
मनोज और अनीशा की शादी की खुशियाँ परवान पर थीं, तभी जानकारी मिली कि रविवार को आंगनबाड़ी वर्कर पद के लिए अनीशा का इंटरव्यू है। शादी के अगले ही दिन इंटरव्यू होने के कारण अनीशा इसे छोड़ने का मन बना चुकी थी, लेकिन उसके जीवनसाथी मनोज का इरादा कुछ और ही था।
दूल्हे का संकल्प: “पत्नी के सपनों से समझौता नहीं”
अनीशा जब दुविधा में थी, तब मनोज ने जिम्मेदारी संभालते हुए कहा “तुम परेशान मत हो, रास्ता निकल जाएगा।” परिवार की सहमति से शादी की रस्में और फेरे जल्दी पूरे कराए गए। विदाई के तुरंत बाद दूल्हा अपनी दुल्हन को सीधे आगरा जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन लेकर पहुँचा।
लाल जोड़े में दिया इंटरव्यू, हर तरफ हुई तारीफ
विकास भवन में जब अनीशा दुल्हन के लिबास, हाथों में रची मेहंदी और गहनों के साथ इंटरव्यू देने पहुँची, तो वहां मौजूद अधिकारी और लोग भी दंग रह गए। लाल जोड़े में सजी दुल्हन का आत्मनिर्भरता की ओर यह कदम वहां मौजूद हर व्यक्ति के लिए प्रेरणा बन गया।
”शादी सपनों को पूरा करने की जिम्मेदारी है”
इंटरव्यू के बाद पति के साथ ससुराल रवाना होते हुए मनोज ने कहा, “मैं चाहता हूँ कि मेरी पत्नी अपने पैरों पर खड़ी हो। शादी सिर्फ साथ रहने का वादा नहीं, बल्कि एक-दूसरे के सपनों को पूरा करने की जिम्मेदारी भी है।” इंटरव्यू की औपचारिकता पूरी कर अनीशा एक नई ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ अपनी ससुराल के लिए रवाना हुई।

