आगरा: ताजनगरी में विदेश जाकर पैसा कमाने की चाहत रखने वाले युवाओं को निशाना बनाने वाले एक हाईटेक ठग गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। थाना हरीपर्वत पुलिस ने “फ्लाई कंसलटेंसी” के नाम से फर्जी दफ्तर चला रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी लोगों को सोशल मीडिया के जरिए फंसाते थे और फिर कूट रचित (फर्जी) दस्तावेजों के सहारे लाखों रुपये ऐंठ लेते थे।
कनाडा का सपना और ₹1.5 लाख की चपत
ठगी का यह खेल तब उजागर हुआ जब एक पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित को ₹5 लाख के मासिक पैकेज का लालच देकर कनाडा भेजने का वादा किया गया था। आरोपियों ने उससे ₹1.5 लाख वसूल लिए और बाकायदा एक ‘वीजा’ और ‘नियुक्ति पत्र’ भी दे दिया। जब काफी समय तक उड़ान की तारीख तय नहीं हुई, तो पीड़ित ने दस्तावेजों की जांच कराई, जिसमें सब कुछ फर्जी निकला।
कैसे काम करता था गिरोह?
गिरफ्तार मुख्य आरोपी साहिल उर्फ राजवीर ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले चार महीनों से आगरा में यह फर्जी कंपनी चला रहा था।
गिरोह का अमन जो कि सह-आरोपी है इसका काम सोशल मीडिया के जरिए ‘शिकार’ ढूंढना और उन्हें कंपनी तक लाना था। हर सफल ठगी पर अमन को कुल रकम का 20 प्रतिशत कमीशन मिलता था। साहिल खुद लैपटॉप और प्रिंटर के जरिए फर्जी वीजा और ऑफर लेटर तैयार करता था ताकि ग्राहकों को शक न हो।
पुलिस की छापेमारी और बरामदगी
डीसीपी सिटी के निर्देशन में पुलिस टीम ने फायर ब्रिगेड के सामने स्थित बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर स्थित इनके दफ्तर पर दबिश दी। पुलिस ने मौके से 8 मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेज और ₹36,000 नकद बरामद किए हैं।
सावधान रहें: पुलिस की अपील
पुलिस ने अपील की है कि किसी भी कंसलटेंसी को पैसा देने से पहले उसकी आधिकारिक मान्यता और वीजा की सत्यता संबंधित दूतावास की वेबसाइट या अधिकृत केंद्रों से जरूर जांच लें।
पुलिस अब उन अन्य पीड़ितों की भी पहचान कर रही है जो इस गिरोह के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा चुके हैं। यदि आप भी ऐसी किसी ‘फ्लाई कंसलटेंसी’ के संपर्क में हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

