भारत रत्न बिस्मिल्लाह खान की विरासत को ध्वस्त करने का आरोप: वाराणसी का वीडियो शेयर कर बोले अखिलेश— “भाजपा नफरत की आग में देश का नुकसान कर रही”

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वाराणसी/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के वाराणसी (काशी) में ‘भारत रत्न’ एवं महान शहनाई वादक स्वर्गीय उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के मकान/धरोहर पर कथित रूप से बुलडोजर चलाए जाने को लेकर सूबे की राजनीति में भारी उबाल आ गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार (7 नवंबर 2026) को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए इसे भारत की मिली-जुली सांस्कृतिक विरासत का अपमान करार दिया है।

​अखिलेश यादव ने वाराणसी का एक वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा और उसकी विचारधारा से जुड़े लोग हमेशा से कला और कलाकारों के विरोधी रहे हैं।

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​”जिनके लिए शहनाई नहीं बजी, उनसे और क्या उम्मीद?”

​पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में लिखा, “जिनके लिए शहनाई नहीं बजी, उनसे और क्या उम्मीद करना? भाजपा और उनके संकीर्ण सोच के संगी-साथी ‘कला और कलाकारों’ के हमेशा खिलाफ रहते हैं। इन पुरातनपंथी-रूढ़िवादियों की यह संकरी मानसिकता होती है कि रचनात्मक लोग ही समाज में परिवर्तन की भूमि और भूमिका बनाते हैं।”

​उन्होंने आगे कहा कि सकारात्मक कला समाज में सहृदयता और सहनशीलता को जन्म देती है, लेकिन भाजपा इसे अपने संकीर्ण राजनीतिक एजेंडे के रास्ते में रोड़ा मानती है या फिर कला को अपने एजेंडे के लिए इस्तेमाल करके उसे नकारात्मक बना देना चाहती है।

​”भारत रत्न की विरासत ध्वस्त करना ‘भारत’ का अपमान”

अखिलेश यादव ने सरकार की कार्रवाई को घोर निंदनीय बताते हुए कहा कि जिनके नाम के आगे ‘भारत रत्न’ लगा हो, उनकी सांगीतिक और गंगा-जमुनी विरासत को ध्वस्त करना केवल उनका व्यक्तिगत अपमान नहीं, बल्कि ‘भारत’ के मान-सम्मान को ध्वस्त करने के समान है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता के अहंकार और नफरत की आग में जलकर देश की सांगीतिक और सांस्कृतिक धरोहरों को अपूरणीय क्षति पहुंचा रही है।

​सपा सरकार बनने पर बनेगा ‘श्रवण-संग्रहालय’

​वाराणसी की इस घटना पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सपा प्रमुख ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की अलौकिक सांगीतिक धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सहेजने और संरक्षित करने के उद्देश्य से एक भव्य ‘श्रवण-संग्रहालय’ का निर्माण कराया जाएगा।