​यूपी बजट पर छिड़ी ‘जुबानी जंग’: केशव मौर्य बोले- बजट से ‘साइकिल पंचर’, शिवपाल का पलटवार- सिंहासन भी हो जाते हैं पंचर

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पेश किए गए बजट 2026-27 ने राज्य की सियासी सरगर्मी को चरम पर पहुंचा दिया है। बजट के प्रावधानों से ज्यादा अब चर्चा दिग्गज नेताओं के बीच छिड़ी ‘ट्विटर वॉर’ (X) की हो रही है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव के बीच तीखी बयानबाजी ने इस आर्थिक दस्तावेज को राजनीतिक अखाड़े में तब्दील कर दिया है।

केशव मौर्य का तंज: “विपक्ष की साइकिल हुई पंचर”

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे के साथ बजट की सराहना करते हुए विपक्ष पर सीधा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस ऐतिहासिक बजट ने विपक्ष की ‘साइकिल’ को पूरी तरह पंचर कर दिया है। मौर्य ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि 2027 से लेकर 2047 तक विपक्ष के लिए सत्ता के दरवाजे पूरी तरह बंद हो चुके हैं और जनता केवल विकास के साथ है।

शिवपाल यादव का पलटवार: “जनता सिंहासन पंचर करना जानती है”

सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने मौर्य के वार पर पलटवार करने में देरी नहीं की। उन्होंने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि साइकिल की चिंता छोड़कर जनता के बुनियादी मुद्दों पर ध्यान दें। शिवपाल ने कहा कि बजट में वादों की भरमार तो है, लेकिन महंगाई और बेरोजगारी से जनता त्रस्त है। उन्होंने तीखे अंदाज में कहा, “जब जनता जवाब देती है, तो बड़े-बड़े सिंहासन भी पंचर हो जाते हैं।”

मायावती की दोटूक: भाषण नहीं, आंकड़ों का खेल है बजट

बसपा प्रमुख मायावती ने इस बहस के बीच संतुलित लेकिन सख्त रुख अपनाया। उन्होंने बजट को ‘लोकलुभावन’ करार देते हुए मांग की कि सरकार को पिछले साल के बजट खर्च का वास्तविक डेटा भी सार्वजनिक करना चाहिए। मायावती ने स्थायी रोजगार, एससी/एसटी और ओबीसी आरक्षण के बैकलॉग पदों को भरने जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार को ठोस काम करने की नसीहत दी।