आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर चलती बस बनी आग का गोला; ड्राइवर की जांबाजी से बची 22 यात्रियों की जान

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आगरा: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर रविवार तड़के उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब फतेहाबाद क्षेत्र के पास एक प्राइवेट बस आग का गोला बन गई। ‘मन्नत ट्रैवल्स’ की यह बस लखनऊ से गुरुग्राम की ओर जा रही थी, जिसमें 22 यात्री सवार थे। गनीमत यह रही कि बस चालक की सूझबूझ और त्वरित निर्णय के कारण एक बड़ा हादसा होने से बच गया और सभी यात्री सुरक्षित हैं।

​सुबह 4 बजे भभकी आग

जानकारी के अनुसार, घटना सुबह करीब 4 बजे की है जब एक्सप्रेसवे पर सन्नाटा पसरा था। अचानक बस के पिछले टायर से चिंगारियां निकलने लगीं। जब तक कोई कुछ समझ पाता, घर्षण से उठी इन चिंगारियों ने विकराल आग का रूप ले लिया। देखते ही देखते लपटों ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।

ड्राइवर की बहादुरी ने टाली त्रासदी

जैसे ही बस चालक हरेंद्र वीर को खतरे का एहसास हुआ, उन्होंने बिना समय गंवाए बस को किनारे खड़ा किया और यात्रियों को तुरंत बाहर निकलने के लिए चिल्लाने लगे। गहरी नींद में सो रहे यात्रियों को बस से बाहर निकालने में उन्होंने पूरी जान लगा दी। उनकी इसी सतर्कता का परिणाम रहा कि आग के पूरी बस को खाक करने से पहले ही सभी 22 यात्री सुरक्षित बाहर निकल आए।

​सामान जलकर राख, यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था

सूचना मिलते ही फतेहाबाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुँची। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू तो पा लिया गया, लेकिन तब तक बस केवल लोहे के ढांचे में तब्दील हो चुकी थी। यात्रियों का कीमती सामान भी इस आग की भेंट चढ़ गया। प्रशासन ने मानवीय आधार पर तत्परता दिखाते हुए सभी यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुँचाने के लिए दूसरी बसों का प्रबंध किया।

​यह घटना एक बार फिर लंबी दूरी के वाहनों के तकनीकी रखरखाव और एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा मानकों की अनिवार्यता की ओर ध्यान खींचती है।