आगरा। ताजनगरी आगरा में साइबर अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसकी बानगी एक बार फिर सामने आई है। इस बार ठगों ने बिजली मीटर अपडेट कराने के नाम पर लोगों को अपना नया शिकार बनाया है। शातिर साइबर ठगों ने एक महिला को मीटर अपडेट कराने का झांसा देकर उसके बैंक खाते से 5 लाख 48 हजार 14 रुपये की भारी-भरकम रकम पार कर दी।
ठगों ने न केवल महिला के मोबाइल पर कॉल कर संदिग्ध लिंक भेजा, बल्कि उसके पति को वीडियो कॉल कर बातचीत भी की, ताकि परिवार को उन पर पूरा भरोसा हो सके।
पीड़िता लवली रानी के साथ यह साइबर धोखाधड़ी 30 अक्टूबर को हुई। खाते से रकम कटने का पता चलते ही होश उड़े परिवार ने साइबर क्राइम थाने में पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की गहराई से छानबीन शुरू कर दी है।
मीटर अपडेट कराने के नाम पर आया था फोन
शिकायत के मुताबिक, पीड़िता लवली रानी के मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई थी। फोन करने वाले ने खुद को बिजली विभाग या उससे जुड़ा प्रतिनिधि बताते हुए मीटर अपडेट कराने की बात कही और प्रक्रिया पूरी करने के बहाने उनसे कुछ व्यक्तिगत जानकारियां हासिल कर लीं। इसके तुरंत बाद, साइबर ठगों ने महिला को एक फॉर्म भरने का झांसा दिया और मोबाइल पर एक संदिग्ध लिंक भेज दिया। ठगों ने पूरी बातचीत को इस शातिर तरीके से अंजाम दिया कि महिला को यह बिल्कुल एक सामान्य और जरूरी आधिकारिक प्रक्रिया लगी।
पति को वीडियो कॉल कर जीता पूरा भरोसा
इस ठगी को पूरी तरह अंजाम तक पहुंचाने के लिए साइबर अपराधियों ने मनोवैज्ञानिक पैंतरे का इस्तेमाल करते हुए परिवार के अन्य सदस्यों को भी अपने जाल में उलझा लिया। आरोप है कि शातिर ठगों ने महिला के पति को वीडियो कॉल किया और उनसे लंबी बातचीत की। इसके बाद Pay ऐप के माध्यम से पैसे भेजने के लिए लगातार दबाव बनाया गया। ठगों ने बातचीत और लगातार निर्देशों के जरिए महिला और उसके पति को उलझाए रखा, जिससे उन्हें सोचने या समझने का मौका ही नहीं मिला।
कई ट्रांजैक्शन के जरिए निकाले 5.48 लाख रुपये
साइबर ठगों ने अलग-अलग कई छोटे-बड़े ट्रांजैक्शन के जरिए महिला के बैंक खाते से कुल 5,48,014 रुपये की रकम धीरे-धीरे साफ कर दी। जब बैंक खाते से पैसे कटने के मैसेज सामने आए, तब पीड़िता को अपने साथ हुए भीषण साइबर स्कैम का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने बिना देर किए साइबर क्राइम थाने की शरण ली।
साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज, जांच तेज
पीड़िता की तहरीर पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों, भेजे गए संदिग्ध लिंक और बैंक खातों में हुए डिजिटल ट्रांजैक्शन की तकनीकी जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगी की यह रकम किन-किन खातों में ट्रांसफर की गई है और इसके पीछे कौन-सा संगठित साइबर गिरोह सक्रिय है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
आगरा में मीटर अपडेट कराने के नाम पर साइबर ठगी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले सितंबर 2026 में ग्रीन गैस मीटर अपडेट कराने के बहाने दो लोगों से 11.51 लाख रुपये की बड़ी ठगी की जा चुकी है। उस दौरान भी साइबर अपराधियों ने मोबाइल में संदिग्ध फाइल भेजकर फोन का एक्सेस हासिल कर लिया था।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की अहम सलाह:
बिजली या गैस मीटर अपडेट कराने के नाम पर आने वाले किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर भूलकर भी भरोसा न करें।
किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने फोन में कोई थर्ड-पार्टी ऐप डाउनलोड करें।
ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी या साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल प्रभाव से राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

