​डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में रैगिंग का मामला: एमएससी बायोटेक्नोलॉजी की छात्रा ने सीनियर पर लगाया सार्वजनिक रूप से बेइज्जत करने का आरोप

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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर में एमएससी बायोटेक्नोलॉजी प्रथम वर्ष की एक छात्रा ने अपने सीनियर पर रैगिंग और सार्वजनिक रूप से बेइज्जत करने का आरोप लगाया है। छात्रा की शिकायत के बाद मामला विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचा और प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान छात्रा समेत करीब 20 छात्रों के बयान दर्ज किए गए हैं।

बताया गया है कि छात्रा ने विश्वविद्यालय के यूजीसी एंटी रैगिंग सेल में शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि फ्रेशर पार्टी की तैयारियों के दौरान परिचय के नाम पर सीनियर छात्र ने उसके साथ ऐसा व्यवहार किया, जिससे वह खुद को अपमानित महसूस करने लगी। छात्रा ने इसे रैगिंग का मामला बताते हुए कार्रवाई की मांग की।

परिचय के नाम पर बेइज्जती का आरोप

छात्रा के मुताबिक, फ्रेशर पार्टी से जुड़ी तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान सीनियर छात्रों की ओर से जूनियर विद्यार्थियों का परिचय लिया जा रहा था। आरोप है कि इसी प्रक्रिया के दौरान एक सीनियर ने छात्रा के साथ अभद्र और अपमानजनक व्यवहार किया। छात्रा ने विश्वविद्यालय प्रशासन को दी शिकायत में घटना का विवरण देते हुए इसे रैगिंग की श्रेणी में आने वाला व्यवहार बताया है। शिकायत सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रॉक्टोरियल बोर्ड को जांच सौंपी।

20 छात्रों के बयान दर्ज, जांच में सामने आएंगे तथ्य

प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने मामले की जांच शुरू करते हुए छात्रा के साथ-साथ करीब 20 छात्रों के बयान दर्ज किए हैं। जांच टीम घटना के दौरान मौजूद विद्यार्थियों से भी जानकारी जुटा रही है, ताकि आरोपों की वास्तविकता और पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सके। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि घटना वास्तव में किस परिस्थिति में हुई, इसमें कितने छात्र शामिल थे और क्या परिचय लेने की प्रक्रिया ने रैगिंग का रूप ले लिया था।

हॉस्टल और कैंटीन में मारपीट के आरोपों का भी जिक्र

शिकायत और जांच के दौरान हॉस्टल तथा कैंटीन से जुड़े कुछ कथित मारपीट के मामलों का भी जिक्र सामने आया है। विश्वविद्यालय प्रशासन इन आरोपों को भी जांच के दायरे में देख रहा है। प्रॉक्टोरियल बोर्ड यह पता लगाने में जुटा है कि क्या इन घटनाओं का रैगिंग की शिकायत से कोई संबंध है या ये अलग-अलग घटनाएं हैं।

चीफ प्रॉक्टर बोले- दोषी मिले तो होगी सख्त कार्रवाई

विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रो. मनु प्रताप ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कराई जा रही है। छात्रा समेत संबंधित छात्रों के बयान दर्ज किए गए हैं। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई छात्र दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि परिसर में रैगिंग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिकायत के हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है, ताकि किसी निर्दोष छात्र के खिलाफ कार्रवाई न हो और दोषी पाए जाने वाले छात्र को भी नियमानुसार दंडित किया जा सके।

एंटी रैगिंग व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

खंदारी परिसर में सामने आए इस मामले ने विश्वविद्यालय की एंटी रैगिंग व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विश्वविद्यालय में नए छात्रों के लिए परिचय कार्यक्रम और फ्रेशर पार्टी जैसे आयोजन होते हैं। ऐसे आयोजनों में सीनियर-जूनियर के बीच संवाद के दौरान अनुशासन बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी होती है। अब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि छात्रा के साथ हुई घटना रैगिंग के दायरे में आती है या नहीं। फिलहाल प्रॉक्टोरियल बोर्ड की जांच और छात्रों के बयान के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन मामले की पूरी तस्वीर सामने लाने में जुटा है।