​’स्वराग्नि’ अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में गूंजे राष्ट्र के ओजस्वी स्वर: ओज, हास्य और श्रृंगार रस से सराबोर हुई आगरा की शाम

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आगरा। धरा चेतना फाउंडेशन द्वारा शनिवार को धरा चेतना सांस्कृतिक सभागार, अनुपम बाग, दयालबाग में आयोजित ‘स्वराग्नि’ अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। साहित्य और संस्कृति को समर्पित इस आयोजन में देश के विभिन्न स्थानों से आए कवियों ने काव्य प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भाव-विभोर किया।

कवि सम्मेलन में डॉ. शैलेश गौतम, रमेश मुस्कान, विनोद पाण्डेय एवं ईशान देव ने अपनी रचनाओं की प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं। गीत, हास्य और वीर रस की कविताओं ने सभागार में उपस्थित श्रोताओं को खूब आनंदित किया और कवियों की प्रस्तुतियों पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

दिल्ली के प्रख्यात कवि विनोद पांडेय ने कविता पढ़ी –
जी रहे हैं लोग जब केवल निवालों के लिए, चंद ही हैं जो खड़े हैं तब सवालों के लिए, कर दिया जाया अगर चिंगारियां को आज तो, तीलियां भी ना बचेंगी कल मशालों के लिए

प्रयागराज के मशहूर कवि डॉ श्लेष गौतम ने कविता सुनाई –
ना तो सौदा है ना वचन बाबू, मन से मन का है बस मिलन बाबू, कुछ भी पाने की आस मत रखना, इश्क़ खेती है ना खनन बाबू

पुरखों ने जो निभाई हमें चाहिए, त्याग की वो कमाई हमें चाहिए, राम,घर-घर में हों प्रार्थना है मगर, एक भरत जैसा भाई हमें चाहिए

आगरा के वरिष्ठ कवि रमेश मुस्कान ने कविता सुनाई – कर पाओ तो यूँ करो जीवन का सम्मान, आंखों में सपने रखो अधरों पर मुस्कान

आगरा के युवा कवि ईशान देव ने कविता पढ़ी- हाँ भले हमारे कदमों में ही ये संपूर्ण जहान रहे, लेकिन मन मंदिर में केवल हिंदी हिन्दुस्तान रहे।

शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक पुरुषोत्तम खण्डेलवाल ने किया। विशिष्ट अतिथि चेयरमैन, नगर पंचायत, स्वामी बाग, सतीश चौहान थे। शिक्षाविद रोहित दीक्षित, पार्षद अशोक जैसवानी, पार्षद भरत शर्मा, डॉ. अरुण उपाध्याय, सुलेखा अग्रवाल आदि शामिल थे।

शुरुआत में धरा चेतना फाउंडेशन की दीपाली सिंह ने कहा कि संस्था द्वारा साहित्य, कला, शिक्षा एवं संस्कृति के क्षेत्र में निरंतर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ‘स्वराग्नि’ इसी श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य साहित्य के माध्यम से सामाजिक एवं सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना है।

वक्ताओं ने कहा साहित्य समाज की आत्मा है और संस्कृति उसकी पहचान। साहित्यिक आयोजन समाज में सकारात्मक चेतना का संचार करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।

आयोजन में संरक्षक शेखर दीक्षित, संयोजक अक्षय प्रताप सिंह एवं समन्वयक गति सिंह सहित धरा चेतना फाउंडेशन की पूरी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मंच संचालन श्रुति सिन्हा ने किया। कार्यक्रम में डॉ रंजना बंसल, सुरेश चंद गर्ग, नरेश जैन का विशेष सहयोग रहा।