आगरा: उत्तर प्रदेश के ताजनगरी आगरा से प्रशासनिक दावों और निर्माण कार्यों की पोल खोलती एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। शहर के पॉश इलाकों में शुमार कमला नगर के कर्मयोगी एन्क्लेव चौराहे के पास शुक्रवार की सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सुबह करीब 6 बजे अचानक मुख्य सड़क का एक हिस्सा भरभराकर नीचे धंस गया, जिससे सड़क के ठीक बीचों-बीच एक विशालकाय गड्ढा बन गया। इस खतरनाक गड्ढे की गहराई करीब 20 फीट और चौड़ाई लगभग 10 फीट आंकी गई है। गनीमत यह रही कि घटना के वक्त इस व्यस्त मार्ग से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, अन्यथा एक बड़ी जनहानि हो सकती थी।
बार-बार हो रहे हादसों से स्थानीय लोगों में उबाल
इस घटना के बाद इलाके के निवासियों में नगर निगम और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी स्थान के आसपास पिछले महज एक महीने के भीतर सड़क धंसने की यह तीसरी घटना है। इससे बमुश्किल 10 फीट की दूरी पर पहले भी सड़क बैठ चुकी है।
लोगों ने बताया कि इस पॉश इलाके से रोजाना कम से कम 25 से 30 स्कूल-कॉलेज की बसें, भारी वाहन और हजारों आम गाड़ियां गुजरती हैं। बार-बार सड़क धंसने की इन घटनाओं से यहां से निकलने वाले हर शख्स की जान पर हर वक्त खतरा मंडराता रहता है।
जनता ने केवल खानापूर्ति करते हुए गड्ढे को भरने के बजाय पूरी सड़क के निर्माण की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
सपा नेता का अनूठा विरोध प्रदर्शन, ताजनगरी को बताया ‘गड्ढा नगरी’
घटना की सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी के नेता नितिन कोहली अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन की कार्यशैली और विकास के दावों पर करारा तंज कसते हुए उन्होंने एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। सपा नेता बाकायदा सीढ़ी लगाकर सीधे उस 20 फीट गहरे गड्ढे के अंदर उतर गए। गड्ढे के भीतर खड़े होकर उन्होंने उसकी नापजोख की और प्रशासन को आईना दिखाते हुए ताजनगरी आगरा को ‘गड्ढा नगरी’ करार दिया। उनका यह अनोखा प्रदर्शन सोशल मीडिया पर अब तेजी से वायरल हो रहा है।
प्रशासनिक अमले में मचा हड़कंप
सड़क धंसने और राजनीतिक विरोध की सूचना पाकर जलकल विभाग के महाप्रबंधक (GM) कुमार गौरव समेत कई अन्य जिम्मेदार अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया और स्थिति का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि लगातार हो रही बारिश के कारण भूमिगत पाइपलाइन में लीकेज हो गया था, जिसकी वजह से नीचे की मिट्टी पूरी तरह खिसक गई और ऊपर से सड़क का यह बड़ा हिस्सा धंस गया। फिलहाल, प्रशासनिक अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने और मरम्मत कार्य शुरू कराने की बात कह रहे हैं, लेकिन जनता के बीच नगर निगम की तैयारियों को लेकर अविश्वास का माहौल बना हुआ है।


