आगरा। आगरा में अवैध कारोबारों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच अब घरेलू एलपीजी गैस की कथित अवैध रिफिलिंग का मामला भी चर्चा में आ गया है। दवा माफिया शुभम का करीबी बताए जा रहे धीरज पर घरेलू गैस सिलेंडरों से कमर्शियल सिलेंडरों में गैस भरकर अवैध रूप से सप्लाई करने के आरोप लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, घरेलू उपयोग के लिए मिलने वाली सब्सिडी वाली एलपीजी गैस को कथित रूप से विशेष उपकरणों की मदद से बड़े कमर्शियल सिलेंडरों में ट्रांसफर किया जाता था। इसके बाद इन सिलेंडरों की सप्लाई शहर के विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, विशेष रूप से पेठा कारखानों, तक किए जाने की चर्चा है।
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा कथित नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय बताया जा रहा है। नूरी दरवाजा क्षेत्र में इस अवैध गैस रिफिलिंग कारोबार को लेकर काफी समय से चर्चाएं होती रही हैं। आरोप है कि घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग कर सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ सार्वजनिक सुरक्षा से भी खिलवाड़ किया जा रहा था।
विशेषज्ञों के अनुसार, बिना सुरक्षा मानकों के घरेलू सिलेंडरों से कमर्शियल सिलेंडरों में गैस भरना बेहद खतरनाक होता है। जरा-सी चूक से आग या विस्फोट जैसी बड़ी दुर्घटना हो सकती है, जिससे जन-धन की भारी क्षति होने का खतरा रहता है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक पुलिस, जिला प्रशासन या गैस एजेंसी से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि जांच एजेंसियां मामले की पुष्टि करती हैं तो अवैध गैस कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।


