डिंपल यादव का सरकार पर तंज: कहा- सांसदों पर दबाव बनाने वाली सरकार युवाओं के हौसले के आगे बेबस

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नई दिल्ली। लोकसभा में ‘एंटी-पेपर लीक बिल’ पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने मोदी सरकार को घेरे में लिया। उन्होंने सवाल किया कि जब 2024 में पेपर लीक को रोकने के लिए पहले ही कानून बनाया जा चुका था, तो फिर बार-बार परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं क्यों हो रही हैं? उन्होंने इसे सरकार की व्यवस्था में मौजूद ‘स्थायी लीकेज’ करार दिया।

लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 2024 में पेपर लीक रोकने के लिए कानून बनाया जा चुका था, तो उसके बाद भी परीक्षाओं में लीक की घटनाएं क्यों होती रहीं? उन्होंने कहा कि आखिर यह किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा है या फिर सरकार की व्यवस्था में ही स्थायी ‘लीकेज’ है।

डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि पिछले 40 दिनों में 20 छात्रों ने आत्महत्या की है। उन्होंने सदन में एक-एक छात्र का नाम लेकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि देश का युवा डरने वाला नहीं है और शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों की आवाज उठा रहा है।

जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष वहां राजनीति करने नहीं, बल्कि छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने गया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अहिंसक प्रदर्शनकारियों के साथ कठोर व्यवहार किया और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया। साथ ही उन्होंने सरकार पर परिसीमन जैसे राजनीतिक मुद्दों पर दबाव की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने की हर कोशिश नाकाम रही।

डिंपल यादव ने कहा कि हम युवाओं की प्रशंसा करते हैं जेनजी के हौसले और हिम्मत की सराहना करते हैं जो डरे नहीं। यह आंदोलन पिछले एक महीने से शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था। हमारे सभी सांसद, विधायक गए थे जंतर-मंतर, राजनीति करने नहीं गए थे। हम साथ खड़े होना चाहते थे। 18 जून को मैं भी गई और सोनम वांगचुक से मिली। लेकिन उस दिन सरकार ने क्या किया, अहिंसा के साथ बैठे लोगों को सफेद कफन पहनाने का काम किया।

गांधी जी के विचारों को कफन पहनाने का काम किया। देश में लोकतंत्र है, लेकिन क्या वाकई में स्वतंत्रता है। हर प्रदेश से बच्चे आए, वे अपनी एकता दिखाना चाहते थे। अपनी बात रखने आए थे, चाहते थे कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हो। सरकार ने क्या बर्ताव किया।

सरकार को परिसीमन बिल पास कराना है। इसके लिए सांसदों पर दबाव बनाया जा रहा है कि आप इधर आ जाइए, उधर आ जाइए, लेकिन बच्चों पर दबाव नहीं बना पाए। आप तो घुटने टेक कर आ गए अमेरिका के सामने।