आगरा: गुरुवार का दिन आगरा के लिए एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दिन के रूप में दर्ज हो गया। बल्केश्वर महादेव मंदिर से भगवान श्रीजगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की पहली बार ‘उड़िया शैली’ में भव्य रथयात्रा निकाली गई। शहर की सड़कों पर भक्ति का ऐसा सैलाब उमड़ा कि हर तरफ “हरे कृष्णा, हरे राम” और “हरि बोल” के जयघोष गूंजने लगे।

दिव्य श्रृंगार और मनोहारी दृश्य
भगवान श्रीजगन्नाथ का स्वरूप इस रथयात्रा में अत्यंत मोहक था। खस और जूट से सुसज्जित नंदीघोष रथ पर भगवान वनभोजी वेश में विराजमान थे। प्रभु को रेशमी धागों से बनी सतरंगी पोशाक, दौना मरुआ की नथ-बेसर और तुलसी व बैजयंती मालाओं से अलंकृत किया गया था। इस दिव्य स्वरूप के दर्शन करते ही भक्त भावविभोर हो उठे और मृदंग व मंजीरों की थाप पर थिरकने लगे।
श्रद्धालुओं में अपार उत्साह
रथयात्रा के शुभारंभ के समय वृंदावन इस्कॉन के हरिविजय प्रभु और आगरा इस्कॉन के अध्यक्ष अरविंद प्रभु ने विधिवत प्रथम आरती की। इस दौरान डीसीपी अभिषेक अग्रवाल भी उपस्थित रहे। रथ की रस्सी खींचने के लिए श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह था; कोई दंडवत प्रणाम कर रहा था, तो कोई केवल रस्सी को स्पर्श करने के लिए लालायित था। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक भगवान का मार्ग झाड़ू लगाकर स्वच्छ किया और स्थान-स्थान पर सुंदर सतरंगी रंगोलियां सजाकर प्रभु का स्वागत किया।
झांकियों ने मन मोहा
रथयात्रा में घोड़ों और ऊंटों की अगुवाई के साथ कई मनोहारी झांकियां शामिल थीं। प्रभुपाद जी, राधा-कृष्ण, भगवान नरसिंह और चैतन्य महाप्रभु की झांकियां भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहीं। महिलाओं ने गोपी वेशभूषा और पुरुषों ने ग्वाला वेश धारण कर यात्रा की शोभा बढ़ाई। कई श्रद्धालु अपने घरों से लड्डू गोपाल को भी सुसज्जित कर रथयात्रा में साथ लेकर पहुंचे।
प्रमुख उपस्थितजन
इस पावन महोत्सव को सफल बनाने में अमित गोयल, कामता प्रसाद अग्रवाल, नितेश अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, अशु मित्तल, संजीव बंसल, सुधीर अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, रामू फतेहपुरिया, शैलेश बंसल, दीपक प्रहलाद अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, संजय कुकरेजा, विकास बंसल (लड्डू भाई), रमेश यादव, विपिन अग्रवाल, ओमप्रकाश अग्रवाल, राजेश उपाध्याय, अदिति गौरांगी, अंशुल अग्रवाल, मयंक अग्रवाल, मीनाक्षी मोहन, मयूरी मित्तल और नीलू सिंघल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।


