भाजपा क्षेत्रीय दलों को तोड़कर बहुमत जुटाने की कोशिश कर रही है ताकि वह संविधान के साथ मनमानी कर सके: अखिलेश यादव

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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को पार्टी के राज्य मुख्यालय में मुंबई से आए उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के प्रवासियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस कार्यक्रम का आयोजन समाजवादी सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष काशीनाथ यादव द्वारा किया गया था, जिसमें महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

मुंबई में रह रहे उत्तर प्रदेश के प्रवासियों ने अखिलेश यादव से भेंट कर आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को तन-मन-धन से सहयोग देने और पार्टी की जीत सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।

अखिलेश यादव ने मुंबई जैसे महानगर में अपनी मेहनत और लगन से पहचान बनाने वाले प्रवासियों की सराहना करते हुए कहा, “यदि आप सभी चुनाव के दौरान आकर सहयोग कर दें, तो उत्तर प्रदेश से भाजपा का सूपड़ा साफ हो जाएगा।” प्रवासियों ने भी पूर्ण सक्रियता के साथ सपा को समर्थन देने का भरोसा दिलाया।

​’पीडीए’ की सरकार बनने का दावा

अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव की जीत के बाद अब 2027 में भी समाजवादी पार्टी की ही सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठबंधन की सरकार का आना तय है। उन्होंने भाजपा को ‘सामंतवादी’ करार देते हुए जनता से उसे सत्ता से बाहर करने की अपील की। इसके लिए उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और पार्टी के सदस्यों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया।

संविधान और मंदिर विवाद पर हमला

सपा अध्यक्ष ने आगामी चुनाव को लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई बताया। उन्होंने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा क्षेत्रीय दलों को तोड़कर बहुमत जुटाने की कोशिश कर रही है ताकि वह संविधान के साथ मनमानी कर सके। महिला आरक्षण पर भाजपा को ‘धोखेबाज’ बताते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी शुरू से ही महिला आरक्षण की पक्षधर रही है।

अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित चोरी और डकैती के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने सीधे भाजपा और आरएसएस को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, “धर्म के नाम पर चढ़ावे की डकैती का पर्दाफाश हो चुका है। चढ़ावे के बंटवारे को लेकर हुई खींचतान ने नागपुर के लोगों का असली चेहरा सामने ला दिया है।”

​इस बैठक में मुंबई से आए कई गणमान्य लोग शामिल रहे, जिनमें आरएन यादव, जितेन्द्र यादव, सुभाष यादव, निसार खान, फिल्म एक्टर पप्पू यादव सहित अन्य प्रमुख व्यक्ति मौजूद थे।