आगरा। नगर निगम के सफाई कर्मचारियों और स्वास्थ्य विभाग के बीच चल रहे वेतन संबंधी विवाद को लेकर राहत की खबर सामने आई है। सेनेटरी सुपरवाइजर संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव वर्मा से मुलाकात कर कर्मचारियों की समस्याओं को प्रमुखता से रखा। इस दौरान वेतन कटौती और फंड से जुड़ी विसंगतियों पर विस्तृत चर्चा हुई।
एक दिन की अनुपस्थिति पर पूरे माह का वेतन रोकना गलत
संघ के पदाधिकारियों ने डॉ. संजीव वर्मा को अवगत कराया कि जूम मीटिंग में अनुपस्थित रहने वाले सफाई मित्रों का एक दिन की जगह पूरे महीने का वेतन रोकने के जो आदेश जारी किए गए थे, वे कर्मचारियों के लिए अत्यधिक कष्टकारी हैं।
इस पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी सफाई मित्र का पूरा वेतन नहीं काटा जाएगा।
उन्होंने आश्वासन दिया कि जो कर्मचारी जिस दिन अनुपस्थित था, केवल उसी दिन का वेतन काटा जाएगा। हालाँकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अनुपस्थित कर्मचारियों को उस दिन का ठोस स्पष्टीकरण विभाग को देना अनिवार्य होगा।
बोनस और NPS फंड पर भी चर्चा
बैठक में लंबे समय से लंबित बोनस और NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) का मुद्दा भी उठा। संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि स्थाई सफाई मित्रों और सफाई नायकों के बोनस का आधा हिस्सा जो फंड में जाता है, वह कर्मचारियों के NPS अकाउंट में अपडेट नहीं हो रहा है। इस पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए एक सप्ताह का समय मांगा है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि एक सप्ताह के भीतर इस तकनीकी समस्या का समाधान कर इसे NPS अकाउंट में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पर अमल किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से सूरज पहलवान, राजकुमार विद्यार्थी, चौधरी संतोष डागोर, सुनील पारस, आजाद सिंह, दीपक झगारे, संजय पाथरे, कुलदीप गौहर और बिरजू नरवार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। संघ ने स्वास्थ्य अधिकारी के सकारात्मक रुख का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से होगा।


