प्रयागराज/कौशांबी: दिल्ली-कोलकाता नेशनल हाईवे स्थित कौशांबी के सिहोरी टोल प्लाजा पर बीते 26 जून को हुए भीषण हादसे में मरने वालों की संख्या अब बढ़कर पांच हो गई है। गुरुवार को प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू (SRN) अस्पताल में इलाज के दौरान दो और घायल टोलकर्मियों ने दम तोड़ दिया।
इलाज के दौरान दो और मौतें
हादसे में गंभीर रूप से झुलसे रायबरेली के नसीराबाद निवासी 29 वर्षीय हीरामणि सिंह और मध्य प्रदेश के सीधी जिले के निवासी 23 वर्षीय कृष्णपाल मौर्या की गुरुवार को इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। एसआरएन अस्पताल के चौकी इंचार्ज आशुतोष सिंह ने पुष्टि की है कि दोनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। इससे एक दिन पहले, 1 जुलाई को हंडिया निवासी अनिल कुमार ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।
हादसे का दर्दनाक विवरण
26 जून को सिहोरी टोल प्लाजा पर एक एलपीजी से भरा टैंकर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गया था, जिससे भीषण आग लग गई थी। हादसे के दिन ही टैंकर चालक धर्मेंद्र दुबे और कर्मचारी आलोक की मौके पर ही झुलसकर मौत हो गई थी। इस दुर्घटना में कुल पांच लोगों की जान जा चुकी है, जबकि अन्य घायलों का उपचार जारी है।
परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़
हीरामणि सिंह अपने परिवार का इकलौता सहारा था। उनके पिता वीरेंद्र बहादुर का पहले ही निधन हो चुका था। उनकी मौत से उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह, दो छोटे बेटे युग और वेद तथा मां मायावती सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। वह पिछले दो साल से टोल प्लाजा पर कार्यरत थे।
मध्य प्रदेश के सीधी जिले के रहने वाले कृष्णपाल, पुष्पराज मौर्या के छोटे बेटे थे। अभी उनकी शादी भी नहीं हुई थी और वे अपने परिवार के सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत कर रहे थे।
प्रशासनिक कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, सिहोरी टोल प्लाजा पर हुआ यह हादसा इतना भयावह था कि टैंकर से रिसती गैस और आग ने आसपास मौजूद लोगों को गंभीर रूप से चपेट में ले लिया था। प्रशासन और पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। वहीं, इस घटना के बाद टोल प्लाजा के अन्य कर्मचारियों और मृतकों के परिवारों में शोक की लहर व्याप्त है।


