यूपी में आकाशीय बिजली का कहर: मानसून की पहली बारिश के साथ 8 लोगों की दर्दनाक मौत, दिल्ली-NCR में मौसम सुहाना

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​नई दिल्ली/लखनऊ: मानसून ने आखिरकार उत्तर-पश्चिम भारत में अपनी पूरी ताकत के साथ दस्तक दे दी है। दिल्ली-एनसीआर में जहाँ मानसून के आगमन ने भीषण उमस और गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत दी है, वहीं उत्तर प्रदेश के लिए यह मौसम ‘आसमानी आफत’ बनकर आया है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और वर्षाजनित हादसों में आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है।

यूपी में वज्रपात का तांडव: 8 लोगों ने गंवाई जान

मानसून की पहली बारिश के साथ ही उत्तर प्रदेश में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। सुलतानपुर और मुरादाबाद में धान की रोपाई के दौरान चार किसानों की वज्रपात से मौत हो गई। बलिया में बिजली गिरने से दो लोगों ने दम तोड़ दिया, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। इसी तरह, वाराणसी में भी एक मौत की पुष्टि हुई है। वहीं, अलीगढ़ में घर का छज्जा और सीढ़ियां गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक वृद्धा घायल हो गई।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों को तत्काल सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।

दिल्ली-NCR में सुहावना हुआ मौसम, पर यातायात हुआ बेहाल

दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में आज सुबह से ही बादलों का डेरा रहा। मानसून के प्रवेश के साथ ही रिमझिम बारिश ने तापमान में 4 से 5 डिग्री की गिरावट दर्ज कराई है। हालाँकि, इस राहत के साथ-साथ जलभराव की समस्या ने दफ्तर जाने वालों के लिए मुसीबत बढ़ा दी है। कई इलाकों में ट्रैफिक जाम के चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 3-4 दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में बारिश का यह सिलसिला रुक-रुक कर जारी रहेगा।

​IMD का अलर्ट: किन राज्यों के लिए खतरा?

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों के लिए रेड फ्लैग जारी किया है:

​ऑरेंज अलर्ट: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जिससे भूस्खलन (Landslide) का गंभीर खतरा बना हुआ है।

येलो अलर्ट: बिहार और झारखंड में वज्रपात के साथ मूसलाधार बारिश की संभावना है।

​तटीय क्षेत्र: कोंकण, गोवा और तटीय कर्नाटक में भी भारी से अत्यधिक भारी बारिश के आसार हैं।

​अन्य राज्य: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय है, जिसके कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

प्रशासन ने आम जनता, विशेषकर किसानों और पर्यटकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अत्यधिक सतर्कता बरतें। खुले खेतों में काम करने से बचें और पहाड़ों की यात्रा में अतिरिक्त सावधानी अपनाएं।