आगरा: डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने मनाया 100वां स्थापना दिवस, शताब्दी समारोह में दिखा गौरवशाली इतिहास का उत्सव

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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने बुधवार को अपने गौरवशाली 100वें स्थापना दिवस (शताब्दी वर्ष) का आयोजन स्वामी विवेकानंद परिसर (खंदारी कैंपस) स्थित जेपी सभागार में अत्यंत भव्यता के साथ किया। यह आयोजन न केवल विश्वविद्यालय के सौ वर्षों के समृद्ध शैक्षणिक इतिहास का उत्सव था, बल्कि भविष्य के विकास पथ को निर्धारित करने का एक सशक्त मंच भी बना।

भव्य शुभारंभ और शताब्दी यात्रा

समारोह की शुरुआत सरस्वती वंदना, दीप प्रज्ज्वलन और विशेष रूप से तैयार किए गए ‘शताब्दी गीत’ के साथ हुई। इस अवसर पर कुलपति प्रो. आशु रानी, कुलसचिव अजय कुमार मिश्रा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय की शताब्दी यात्रा पर आधारित एक विशेष लघु डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया, जिसमें इसकी ऐतिहासिक विरासत और वर्तमान उपलब्धियों को जीवंत किया गया।

शैक्षणिक उत्कृष्टता और भविष्य के विजन पर मंथन

समारोह में शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के प्रति अपने विचार व्यक्त किए। शिक्षकों ने अनुसंधान और शैक्षणिक उत्कृष्टता पर जोर दिया, वहीं कर्मचारियों ने प्रगति में अपने योगदान को रेखांकित किया। छात्रों ने विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान किए गए अवसरों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कुलपति प्रो. आशु रानी ने अपने संबोधन में कहा कि यह शताब्दी केवल अतीत का उत्सव नहीं है, बल्कि भविष्य के संकल्पों का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण, रोजगारपरक और नवाचार आधारित शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इंटीग्रेटेड बी.एड., एम.टेक. और फुटवियर टेक्नोलॉजी जैसे नए पाठ्यक्रमों की रूपरेखा साझा की।

​सांस्कृतिक आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों के 100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। ‘त्रिधारा’ (ओडिसी, भरतनाट्यम और कथक की संयुक्त प्रस्तुति), लघु नाटिकाएं और ‘ब्रज के रंग कान्हा के संग’ लोकनृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने के साथ-साथ सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए।

सफल आयोजन और आभार

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में डॉ. रत्ना पांडे, डॉ. मोनिका अस्थाना, डॉ. मीनाक्षी चौधरी और जनसंपर्क विभाग की टीम का सराहनीय योगदान रहा। अंत में कुलसचिव अजय कुमार मिश्रा द्वारा सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुए इस ऐतिहासिक कार्यक्रम ने विश्वविद्यालय की ज्ञान, अनुसंधान और राष्ट्र निर्माण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया।