आगरा। शमसाबाद के प्राचीन दाऊजी मंदिर में मंगलवार का दिन एक अनोखी शादी का साक्षी बना। यहाँ चार वर्षों से प्रेम संबंध में बंधे एक प्रेमी युगल का विवाह सामाजिक संगठन की पहल और समाज के वरिष्ठ नागरिकों के प्रयासों से संपन्न कराया गया। परिवारों की शुरुआती असहमति के बावजूद, अंततः सभी की सहमति से यह विवाह वैदिक रीति-रिवाजों के साथ हर्षोल्लास के बीच संपन्न हुआ।
चार वर्षों का संघर्ष और सुखद मोड़
जानकारी के अनुसार, किरावली और इरादतनगर क्षेत्र के रहने वाले युवक-युवती पिछले चार वर्षों से एक-दूसरे के साथ थे। दोनों एक ही समाज से ताल्लुक रखते थे, बावजूद इसके पारिवारिक असहमतियों के कारण उनका विवाह नहीं हो पा रहा था। लंबी खींचतान और पारिवारिक विरोध के कारण युगल काफी समय से मानसिक तनाव में था। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए कुशवाह समाज द्वारा संचालित सामाजिक संगठन ने इस मामले में हस्तक्षेप किया।
संवाद से बनी बात
सती माता मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों के परिजनों से कई दौर की बातचीत की। समाज के बुजुर्गों और संगठन के प्रतिनिधियों के समझाने पर अंततः दोनों परिवार आपसी विवादों को भुलाकर विवाह के लिए राजी हो गए।
ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रिंस कुशवाह ने बताया कि संगठन का मुख्य उद्देश्य समाज में एकता बनाए रखना, आपसी पारिवारिक कलह को बातचीत के माध्यम से सुलझाना और युवाओं को गलत कदम उठाने से बचाना है।
वैदिक रीति से संपन्न हुआ विवाह
मंगलवार शाम दाऊजी मंदिर में मंत्रोच्चार के बीच युगल ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए और जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया। इस दौरान उपस्थित समाज के गणमान्य लोगों ने नवदंपति को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद भविष्य की कामना की।
विवाह के दौरान प्रधान ग्याप्रसाद कुशवाह, डॉ. वेद प्रकाश कुशवाह, छोटू कुशवाह, संजू, रामकेश कुशवाह, बेताल सिंह, दिनेश कुशवाह और राहुल कुशवाह सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय उपस्थिति रही।
समाज के लोगों ने संगठन के इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी पहल से समाज में आपसी भाईचारा बढ़ता है और परिवार बिखरने से बच जाते हैं।


