करीब एक दशक बाद लौटी Welcome फ्रेंचाइजी की नई फिल्म Welcome To The Jungle पुराने नॉस्टैल्जिया, नए पागलपन और लंबी स्टारकास्ट के सहारे दर्शकों को लगातार हंसाने की कोशिश करती है. फिल्म में लगभग 28 कलाकार हैं, लेकिन इसकी सबसे बड़ी परीक्षा यही है कि क्या इतने चेहरों के बीच कॉमेडी अपना असर बरकरार रख पाती है.
नॉस्टैल्जिया, पागलपन और वन लाइनर्स की भरमार
साल 2007 में आई Welcome और 2015 में आई Welcome Back के लगभग एक दशक बाद Welcome To The Jungle बड़े पर्दे पर लौटी है. लगभग 28 फिल्मी सितारों के साथ आई यह फिल्म उतनी ही हास्य और जोश से भरी है कि दर्शकों को एक पल के लिए भी खुद से अलग नहीं होने देती. कहीं यह पहली Welcome की याद दिलाकर नॉस्टैल्जिया पैदा करती है तो कहीं अपने पागलपन से भर देती है. फिल्म शुरुआत से अंत तक आपको बांधे रखती है.
“फ्लॉप फिल्म बनाने चले थे, हिट फिल्म बन गई.” ऐसे और न जाने कितने संवाद हैं जो न चाहते हुए भी फिल्म को हिट बनाने का काम करते हैं.
28 सितारे, लेकिन हर किरदार को मिली जगह
इतने बड़े कलाकारों के समूह को एक साथ संभालना और हर किरदार को जगह देना आसान नहीं था, लेकिन निर्देशक अहमद खान ने इसे बखूबी निभाया है और लगभग हर किरदार के साथ इंसाफ किया है.
फिल्म की स्टारकास्ट की बात करें तो अक्षय कुमार, अरशद वारसी, परेश रावल, सुनील शेट्टी, दिशा पाटनी, जॉनी लीवर, जैकलीन फर्नांडीज, रवीना टंडन, जैकी श्रॉफ, लारा दत्ता, श्रेयस तलपड़े और दलेर मेहंदी सहित सभी कलाकार अपने-अपने किरदार में फिट नजर आते हैं. रवीना टंडन लंबे समय बाद बड़े पर्दे पर दिखाई देती हैं और अपने रोल में प्रभाव छोड़ती हैं.
सबसे बड़ी बात यह है कि फिल्म में इतने कलाकार हैं, जितने आम तौर पर दो-तीन फिल्मों को मिलाकर होते हैं. इसके बावजूद लगभग हर किरदार स्क्रीन पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराता है. चाहे जैकी श्रॉफ हों या छोटे लेकिन असरदार रोल में लारा दत्ता, सभी याद रह जाते हैं.
अक्षय कुमार डबल रोल में नजर आते हैं और दोनों किरदार खास हैं. इससे उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनकी कॉमिक टाइमिंग आज भी उतनी ही प्रभावशाली है, जितनी उनकी क्लासिक कॉमेडी फिल्मों में देखने को मिली थी. कई दृश्यों में वह अकेले ही पूरा माहौल बना देते हैं.
सुनील शेट्टी का किरदार भी बेहद खास है, क्योंकि पूरी फिल्म में वह बराबरी से अक्षय कुमार को टक्कर देते दिखाई देते हैं और इसमें सफल भी रहते हैं. बार-बार भूलने की बीमारी उन्हें बाकी किरदारों से अलग बनाती है.
दिशा पाटनी और जैकलीन फर्नांडीज दोनों ही ग्लैमर के लिए फिल्म में रखी गई हैं और अपने-अपने अंदाज में सिटकॉम करती नजर आती हैं.
जब फिल्म के अंदर बन रही होती है एक और फिल्म
कहानी की बात करें तो इसकी शुरुआत एक फिल्म प्रोडक्शन से होती है. एक प्रोड्यूसर दो करोड़ रुपये लगाने को तैयार है, लेकिन वह चाहता है कि यह फिल्म फ्लॉप बने. यहीं से कहानी आगे बढ़ती है और शुरू होती है एक-एक कर किरदारों की एंट्री.
अक्षय कुमार की एंट्री भोजपुरी गाने के साथ दिखाई गई है और धीरे-धीरे बाकी कलाकार भी कहानी का हिस्सा बनते जाते हैं.
साल 2007 में आई Welcome की मशहूर घोड़े और गधे वाली पेंटिंग का सीक्वल भी इस फिल्म में बनाया गया है. इसी के साथ मजनू के दो अन्य भाइयों, अरशद वारसी यानी रोमियो और सुनील शेट्टी यानी अन्ना रेड्डी की एंट्री होती है.
बाकी कलाकारों की एंट्री भी दमदार दिखाई गई है. सभी कलाकार फिल्म के भीतर फिल्म में काम करना चाहते हैं और अपने-अपने रोल तय कर लेते हैं. एक-दूसरे की टांग खिंचाई, वन लाइनर जोक्स और लगातार आती पंचलाइन ही फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी बनती है. कहीं कोई किसी का पुराना आशिक है तो कहीं कोई एक-दूसरे का दुश्मन. फिल्म में हर पल कोई न कोई पंचलाइन है, जिससे थिएटर में ठहाकों की आवाज लगातार सुनाई देती है.
फिल्म में कभी पुरानी Welcome वाली शरारत, कभी Hera Pheri वाला पागलपन और कभी Housefull की झलक देखने को मिलती है. यही वजह है कि यह बार-बार इन कॉमेडी फिल्मों की याद दिलाती है और दर्शकों को पसंद भी आती है.
बैकग्राउंड म्यूजिक भी कहता है… Welcome Back
फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक मनोरंजन के माहौल को और बेहतर बनाता है और बार-बार इसी फ्रेंचाइजी की पुरानी फिल्मों की याद दिलाता रहता है. पुरानी Welcome के एक गाने को भी रीमेक किया गया है.
फिल्म की सिनेमैटोग्राफी बेहद रंगीन और जीवंत है, जो दर्शकों को लगातार स्क्रीन से जोड़े रखती है. सभी कलाकारों के कॉस्ट्यूम भी अच्छे लगते हैं.
Welcome To The Jungle ऐसी कॉमेडी फिल्म है जो थिएटर में बैठकर भी आपको खुलकर हंसने पर मजबूर कर देती है. कई पल ऐसे आते हैं जब आप हंसते-हंसते लोटपोट हो जाते हैं और भूल जाते हैं कि आप थिएटर में बैठे हैं.
अगर आप तनाव भरी जिंदगी से कुछ घंटों का ब्रेक चाहते हैं तो यह फिल्म आपको निराश नहीं करेगी. लंबे समय बाद ऐसी फिल्म आई है जो शुरुआत से अंत तक दर्शकों को हंसाने का वादा करती है और जिसे पूरे परिवार के साथ बैठकर देखा जा सकता है.
– पायल गुप्ता


