आगरा: पुरुषोत्तम मास की पवित्रता और राम नवमी के पावन पर्व के संयोग ने रविवार को आगरा शहर को भक्ति और आस्था के असीम सागर में डुबो दिया। यमुना के पावन तट पर स्थित प्राचीन पुष्टिमार्गीय श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज मंदिर में श्रीराम जन्मोत्सव का आयोजन इतना भव्य था कि भक्तों को साक्षात अयोध्या धाम का अनुभव हुआ।
भक्ति रस में सराबोर हुआ मंदिर परिसर
श्रीराम और उनके तीनों भाइयों के प्राकट्योत्सव के उपलक्ष्य में मंदिर प्रांगण श्रद्धा और उल्लास का केंद्र बन गया। जैसे ही ‘प्रकट भए चारों भईया, अवधपुर बाजे बधईया’ के जयकारे गूंजे, वातावरण भक्तिमय हो गया। मंदिर में ढोलक और मंजीरों की थाप पर भक्त झूमते-गाते नजर आए, जिससे पूरा वातावरण बधाई गीतों की मधुर धुन से गुंजायमान हो उठा।
विशेष अभिषेक और दिव्य श्रृंगार
पर्व की शुरुआत सुबह श्रीराम के पंचामृत अभिषेक के साथ हुई। प्रभु का दिव्य श्रृंगार भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। मंदिर को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से इस तरह सजाया गया था कि उसकी छटा देखते ही बन रही थी। महन्त नन्द श्रोत्रिय एवं जुगल श्रोत्रिय के सानिध्य में संपन्न हुई भव्य आरती के साथ भक्तों ने प्रभु के चरणों में अपनी श्रद्धा निवेदित की।
दशहरे की तैयारी और श्रद्धालुओं की उपस्थिति
मंदिर प्रबंधन ने आगामी आयोजनों की जानकारी देते हुए बताया कि अब 25 मई को दशहरा उत्सव के रूप में एक और भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
इस पुनीत अवसर पर बालेश सिंघल, राकेश सिंघल, प्रशांत भारद्वाज, पतस्या, मनोज भारद्वाज, बृज खंडेलवाल, राजीव पचौरी और डोली पचौरी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने एक साथ मिलकर प्रभु श्रीराम की स्तुति की और इस अलौकिक उत्सव का आनंद लिया।


