आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर चलती कार बनी आग का गोला, सवार साधु-संतो ने कूदकर बचाई जान

स्थानीय समाचार

आगरा: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। फतेहाबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत किलोमीटर-21 के पास चलती हुई एक डस्टर कार में अचानक भीषण आग लग गई। कार में वृंदावन से भिंड जा रहे साधु-संत सवार थे, जिन्होंने धुआं उठते ही सूझबूझ दिखाई और तुरंत गाड़ी से बाहर कूदकर अपनी जान बचाई। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।

​देखते ही देखते स्वाहा हो गई कार

जानकारी के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 7 बजे की है। कार सवारों के बाहर निकलते ही कुछ ही सेकेंड में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी गाड़ी आग के गोले में तब्दील हो गई। एक्सप्रेसवे पर मौजूद टोल कर्मियों ने शुरुआती स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।

सूचना मिलने पर यूपी-112 पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुँची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।

​हाई-स्पीड रूट पर सुरक्षा के उठे सवाल

हादसे के कारण एक्सप्रेसवे पर कुछ देर के लिए आवागमन प्रभावित हुआ। पुलिस की प्राथमिक जांच में दुर्घटना की वजह शॉर्ट सर्किट या इंजन का ओवरहीट होना माना जा रहा है। हाल के दिनों में चलती गाड़ियों में आग लगने के मामलों में तेजी आई है, जिसने वाहन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विशेषज्ञों की चेतावनी: ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, वाहनों में लोकल वायरिंग कराना, सीएनजी या फ्यूल पाइपलाइन में लीकेज होना, इंजन ओवरहीटिंग और समय पर सर्विसिंग न कराना ऐसे हादसों की मुख्य वजह बनते हैं। खासकर एक्सप्रेसवे जैसी हाई-स्पीड सड़कों पर यात्रा करने से पहले वाहन की तकनीकी जांच बेहद जरूरी है।