आगरा, 19 मई। राजधानी लखनऊ में पुलिस प्रशासन द्वारा अधिवक्ताओं के वर्षों पुराने चैंबरों को बुलडोजर से ढहाने और निहत्थे वकीलों पर किए गए बर्बर लाठीचार्ज के खिलाफ आगरा में एक बेहद अनूठा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। इस दमनकारी कार्रवाई के विरोध में आज ‘राजीव गांधी बार एसोसिएशन’ के बैनर तले अधिवक्ताओं ने अनोखे गांधीवादी तरीके (गांधीगीरी) से अपना शांतिपूर्ण आक्रोश दर्ज कराया। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने और सेवा से बर्खास्त करने की मांग को लेकर वकीलों ने दीवानी कचहरी के गेट नंबर-2 पर तैनात पुलिसकर्मियों को लाल गुलाब के फूल भेंट किए।
इस अनोखे प्रदर्शन का नेतृत्व राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने किया। उनके नेतृत्व में कलेक्ट्रेट और दीवानी के गेट नंबर-2 पर सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता एकत्र हुए। वकीलों ने वहां ड्यूटी पर तैनात खाकीधारियों को बेहद शालीनता से गुलाब के फूल सौंपे और इसके साथ ही “लाठीचार्ज के दोषी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार करो”, “तानाशाही बंद करो” और “दोषियों को बर्खास्त करो” के गगनभेदी नारे भी बुलंद किए।
अधिवक्ताओं का कहना था कि वे गांधी के देश में हिंसा का जवाब शांति और अहिंसा के प्रतीक गुलाब से देकर सरकार की सोई हुई अंतरात्मा को जगाना चाहते हैं।
इस गांधीवादी आंदोलन में बार के पदाधिकारियों ने एकजुटता दिखाते हुए दोटूक मांग की कि वकीलों पर लाठियां भांजने वाले और कानून को हाथ में लेने वाले पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए। इस पूरी वैचारिक और शांतिपूर्ण कार्रवाई का कुशल संचालन बार के सचिव आई. डी. श्रीवास्तव (एडवोकेट) द्वारा किया गया।
इस अनूठे प्रदर्शन में बार के महासचिव राजेंद्र गुप्ता ‘धीरज’, सचिव आई. डी. श्रीवास्तव, पवन कुमार गौतम, दिनेश चंद्र शर्मा, ओंकार सिंह, बी. एस. फौजदार, लाखन सिंह, सत्य प्रकाश शर्मा, रामदत्त दिवाकर, अमरनाथ सोलंकी, मोहन सिंह, मुकेश कुमार, पवन शर्मा, चंद्रभान निर्मल और रतीराम सहित भारी संख्या में स्थानीय वरिष्ठ व युवा अधिवक्ताओं ने सहभागिता की और गांधीवादी तरीके से दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जोरदार मांग उठाई।


