आगरा: आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर बुधवार रात टिकट चेकिंग के दौरान हुआ एक विवाद अब सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है। एक रेलकर्मी (टीटी) और यात्री परिवार के बीच हुई तीखी नोकझोंक का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें महिला रोते हुए टीटी पर मारपीट का गंभीर आरोप लगा रही है, जबकि रेलवे प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
वीडियो में क्या है?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भारी भीड़ एक टीटी को घेरकर सवाल-जवाब कर रही है। लोग मोबाइल से वीडियो बना रहे हैं और टीटी के व्यवहार पर आपत्ति जता रहे हैं। इसी बीच एक महिला भावुक होकर रोते हुए यह कहती सुनाई देती है कि टीटी ने उसके साथ हाथपाई की।
जब भीड़ ने टीटी से उसका नाम और परिचय पूछा, तो उसने तल्ख लहजे में कहा “क्यों बताऊं, कौन हो तुम?” इस पर यात्रियों का गुस्सा और भड़क गया और उन्होंने टीटी से सवाल किया कि उसे यात्री पर हाथ उठाने का हक किसने दिया, जिस पर टीटी ने पलटवार करते हुए कहा “इनको मारने का अधिकार किसने दिया?”
रेलवे की सफाई: ‘बिना टिकट था परिवार’
मामले के तूल पकड़ने के बाद रेलवे अधिकारियों ने अपना पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया है कि संबंधित परिवार बिना टिकट यात्रा कर रहा था। अधिकारियों का दावा है कि जब टीटी ने टिकट मांगा, तो यात्रियों ने सहयोग करने के बजाय बदतमीजी और अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। रेलवे ने मारपीट के आरोपों को ‘निराधार’ बताते हुए कहा कि बाद में परिवार का नियमानुसार टिकट बनवाया गया और उन्हें गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
सुलगते सवाल और जांच
इस घटना ने एक बार फिर रेलवे कर्मचारियों और यात्रियों के बीच होने वाले टकराव को चर्चा में ला दिया है। आम जनता का तर्क है कि यदि यात्री के पास टिकट नहीं था, तो कानूनी कार्रवाई या जुर्माना होना चाहिए था, लेकिन किसी महिला या यात्री पर हाथ उठाना कतई स्वीकार्य नहीं है। वहीं, रेल कर्मियों का कहना है कि अक्सर अपनी गलती छिपाने के लिए यात्री हंगामा करते हैं और वीडियो बनाकर कर्मचारियों को फंसाने की कोशिश करते हैं।
फिलहाल, रेलवे प्रशासन ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है ताकि विवाद की असली वजह सामने आ सके।


