लखनऊ/मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है, जिससे कहीं राहत तो कहीं आफत वाली स्थिति पैदा हो गई है। मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जनपदों में अगले तीन घंटों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए भारी बारिश और आंधी की चेतावनी दी है। मंगलवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद मंडल में कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिला, जहाँ दोपहर में ही आसमान में काली घटाएं छा जाने से रात जैसा अंधेरा पसर गया। तेज़ हवाओं और गरज-चमक के साथ हुई बारिश ने जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।
अंधेरे में डूबा मुरादाबाद मंडल, थमी रफ्तार
मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, अमरोहा और संभल जैसे जिलों में सुबह से ही मौसम का मिजाज तल्ख रहा। चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और पछुआ हवाओं के सक्रिय होने की वजह से 15 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली धूल भरी आंधी ने लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया। सड़कों पर दृश्यता (Visibility) इतनी कम हो गई कि वाहन चालकों को हेडलाइट्स जलानी पड़ीं और कई जगह ट्रैफिक पूरी तरह थम गया।
वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर: ओलावृष्टि की आशंका
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 12 मई के पूर्वानुमान के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रहेगी। इसका सीधा असर आम के बागानों और तैयार फसलों पर पड़ सकता है। जहाँ एक तरफ भीषण गर्मी से तड़प रहे लोगों को तापमान गिरने से सुकून मिला है, वहीं दूसरी तरफ तेज अंधड़ ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। प्रशासन ने हिदायत दी है कि खराब मौसम के दौरान लोग पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
इन जिलों में हाई अलर्ट जारी
अगले कुछ घंटों के भीतर बाराबंकी, हरदोई, सीतापुर, बहराइच, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, बरेली, पीलीभीत और बदायूं में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और ओलावृष्टि होने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा लखनऊ, अयोध्या, कासगंज, मेरठ और सहारनपुर सहित आसपास के इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान जताया गया है।
किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी
खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान से बचाने के लिए विशेषज्ञों ने किसानों को जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी है। तेज हवाओं के मद्देनजर गन्ने की फसल को बांधकर सहारा देने और फिलहाल सिंचाई या कीटनाशकों के छिड़काव को रोकने का सुझाव दिया गया है। पर्यटकों को भी सलाह दी गई है कि वे पहाड़ी या मैदानी इलाकों की यात्रा करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर ले लें।

