बहराइच: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के रूपईडीहा थाना क्षेत्र में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ वैवाहिक कलह और अपमान से क्षुब्ध होकर एक 23 वर्षीय युवक ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। गुरुवार सुबह जैतापुर मोड़ के पास चेतराम पुरवा निवासी लवकुश शुक्ला का शव पेड़ से लटका मिलने के बाद पूरे इलाके में मातम और आक्रोश का माहौल है। परिजनों का सीधा आरोप है कि ससुराल पक्ष द्वारा की गई मारपीट और पुलिस की संवेदनहीनता ने युवक को आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर किया।
विवाद की जड़: सोशल मीडिया रील और वैवाहिक कलह
मृतक के पिता संत कुमार के अनुसार, लवकुश की शादी 5 साल पहले जिगनिया की आशा देवी से हुई थी। आरोप है कि आशा को सोशल मीडिया पर ‘रील’ बनाने का जुनून था, जिसे लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर तकरार होती थी। इसी विवाद के चलते पत्नी पिछले एक साल से अपने मायके में रह रही थी। बुधवार को लवकुश अपनी मेहनत की गेहूं की फसल बेचकर पत्नी को वापस लाने और घर बसाने की उम्मीद के साथ ससुराल पहुँचा था।
थप्पड़, डंडे और अपमान की वो शाम
परिजनों का दावा है कि ससुराल में पत्नी और उसके परिवार ने लवकुश का स्वागत करने के बजाय उसे प्रताड़ित किया। आरोप है कि मामूली कहासुनी के बाद पत्नी ने लवकुश को थप्पड़ और डंडों से पीटा, जिसमें ससुराल के अन्य सदस्य भी शामिल थे। घायल और बुरी तरह अपमानित लवकुश जब घर लौटा, तो उसकी आँखों में आँसू और मन में गहरा घाव था। उसने परिजनों को आपबीती सुनाई और न्याय की उम्मीद में पुलिस चौकी पहुँचा।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
पीड़ित परिवार का कहना है कि लवकुश जब शिकायत लेकर पुलिस के पास गया, तो वहाँ उसे मदद के बजाय टरका दिया गया। पुलिस ने इसे ‘मिया-बीवी का आपसी मामला’ बताकर पल्ला झाड़ लिया। अपनों से अपमान और कानून से निराशा मिलने के बाद, लवकुश ने गुरुवार सुबह मौत को गले लगा लिया। सूचना मिलने पर पहुँची फॉरेंसिक टीम और पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।
जांच और कानूनी प्रक्रिया
रूपईडीहा थाना प्रभारी रमेश सिंह रावत ने बताया कि युवक बाबागंज चौकी गया जरूर था, लेकिन कोई लिखित तहरीर नहीं दी गई थी। शुरुआती जांच में मामला ससुराल में हुई मारपीट से आहत होकर आत्महत्या का लग रहा है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। रिपोर्ट आने के बाद और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

