नेशनल चैम्बर का बड़ा दांव: व्यापारिक हितों के लिए 16 प्रकोष्ठों का पुनर्गठन, टीटीजेड की बंदिशों के खिलाफ आर-पार की तैयारी

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आगरा: ताजनगरी के औद्योगिक और व्यापारिक विकास की रीढ़ माने जाने वाले ‘नेशनल चैम्बर ऑफ इंडस्ट्री एंड कॉमर्स’ ने संगठन को नई ऊर्जा देने के लिए अपनी प्रशासनिक बिसात बिछा दी है। चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक में 16 विशिष्ट प्रकोष्ठों का गठन कर उनके चेयरमैन नियुक्त किए गए। इस रणनीतिक फेरबदल का मुख्य उद्देश्य न केवल संगठन को सक्रिय बनाना है, बल्कि उद्यमियों की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना भी है।

अनुभवी हाथों में कमान

संगठन की मजबूती के लिए पूर्व अध्यक्षों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। मनीष अग्रवाल को सदस्यता एवं प्रशासनिक समिति का चेयरमैन नियुक्त किया गया है, जबकि शलभ शर्मा को वित्त एवं कार्यक्रम समिति की कमान दी गई है। अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने स्पष्ट किया कि इन प्रकोष्ठों के माध्यम से जीएसटी, आयकर, बैंकिंग और निर्यात जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में व्यापारियों को आने वाली चुनौतियों से निपटा जाएगा।

​विभिन्न क्षेत्रों के लिए नियुक्त चेयरमैन:

इनमें जीएसटी प्रकोष्ठ के चेयरमैन अमर मित्तल, आयकर प्रकोष्ठ के चेयरमैन अनिल वर्मा, बैंकिंग प्रकोष्ठ के चेयरमैन सुनील सिंघल, गेल गैस प्रकोष्ठ के चेयरमैन विवेक जैन, फाउंड्री डेवलपमेंट प्रकोष्ठ के चेयरमैन अंशुल अग्रवाल, प्रदूषण विभाग समन्वय प्रकोष्ठ के चेयरमैन नरेन्द्र तनेजा नियुक्त किए गए।

इसी प्रकार एक्सपोर्ट प्रमोशन प्रकोष्ठ के चेयरमैन नरिन्द्रर सिंह, नागरिक सुविधा, रोडवेज एवं ग्रीन गैस प्रकोष्ठ के चेयरमैन सीताराम अग्रवाल, महिला उद्यमिता प्रकोष्ठ की चेयरपर्सन आशी अग्रवाल, नगर निगम एवं जल निगम प्रकोष्ठ के चेयरमैन डॉ. एस.के. साहनी, एमएसएमई प्रकोष्ठ के चेयरमैन संजय गोयल, श्रम कल्याण प्रकोष्ठ के चेयरमैन श्रीकिशन गोयल बनाए गए।

इसके अलावा होटल एवं रेस्टोरेंट विकास प्रकोष्ठ के चेयरमैन राकेश कुमार चौहान, रेलवे प्रकोष्ठ के चेयरमैन एस.एन. अग्रवाल, नाचिक प्रकोष्ठ के चेयरमैन दिनेश कुमार जैन तथा सीआईआई, फिक्की एवं फीओ समन्वय प्रकोष्ठ के चेयरमैन राजेश अग्रवाल नियुक्त किए गए।

​सुप्रीम कोर्ट में पैरवी के लिए विशेष समितियां

ताज संरक्षित क्षेत्र (TTZ) में उद्योगों पर लगी पाबंदियों को लेकर चैम्बर अब निर्णायक लड़ाई के मूड में है। अध्यक्ष ने घोषणा की कि सर्वोच्च न्यायालय में प्रभावी पैरवी के लिए जल्द ही तीन विशेष समितियां लीगल, टेक्निकल और सरकार समन्वय समिति बनाई जाएंगी। यह समितियां प्रदेश और केंद्र सरकार के साथ मिलकर उद्योगों पर लगी बंदिशें हटाने का खाका तैयार करेंगी। साथ ही, संगठन की नीतियों को सुदृढ़ करने के लिए एक ‘संविधान समिति’ का भी जल्द गठन होगा।

​बैठक में एकजुटता का प्रदर्शन

इस महत्वपूर्ण बैठक में चैम्बर के पदाधिकारियों के साथ-साथ शहर के दिग्गज उद्यमियों ने शिरकत की। उपाध्यक्ष नितेश अग्रवाल, अम्बा प्रसाद गर्ग, और कोषाध्यक्ष विनय मित्तल सहित पूर्व अध्यक्ष योगेन्द्र सिंघल, महेन्द्र कुमार सिंघल और श्रीकिशन गोयल प्रमुख रूप से मौजूद रहे। बैठक के दौरान संगठन को और अधिक पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाने पर सभी सदस्यों ने अपनी सहमति जताई।