ईरान जंग के बीच भारतीयों की सुरक्षा पर मोदी सरकार अलर्ट, पीएम ने तीन खाड़ी देशों के प्रमुखों से फोन पर की चर्चा

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नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (Midcontinent) में ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई के बाद उपजे तनावपूर्ण हालातों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी कूटनीतिक सक्रियता और तेज कर दी है। मंगलवार को पीएम मोदी ने खाड़ी क्षेत्र के तीन महत्वपूर्ण देशों ओमान, कुवैत और कतर के शीर्ष नेताओं से फोन पर बात की। इस दौरान क्षेत्र में हो रहे हमलों पर चिंता जताने के साथ-साथ वहां रह रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा पर विशेष चर्चा की गई।

तीन देशों के प्रमुखों से सुरक्षा पर संवाद

प्रधानमंत्री मोदी ने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक, कुवैत के युवराज शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से टेलीफोन पर विस्तृत वार्ता की।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, पीएम मोदी ने इन देशों पर हाल ही में हुए हमलों को लेकर भारत की चिंता साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत क्षेत्र में शांति और स्थिरता का पक्षधर है। बातचीत का मुख्य केंद्र इन देशों में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों का कल्याण और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा।

बढ़ते तनाव के बीच सक्रिय हुई भारतीय कूटनीति

यह बातचीत उस समय हुई है जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ संयुक्त हमले शुरू किए गए हैं, जिससे पूरा खाड़ी क्षेत्र युद्ध की आशंकाओं से घिरा है। इससे पहले पिछले दो दिनों में पीएम मोदी ने बहरीन के शाह और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस से भी बात कर हमलों की निंदा की थी और भारत की एकजुटता प्रकट की थी।

​इन नेताओं से भी साधा संपर्क

संकट की इस घड़ी में प्रधानमंत्री मोदी लगातार वैश्विक नेताओं के संपर्क में हैं। उन्होंने जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय से क्षेत्र की बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त की। इसके अलावा, वह संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी पहले ही बातचीत कर चुके हैं।

भारत का यह ‘कॉल डिप्लोमेसी’ मिशन न केवल क्षेत्रीय शांति के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि खाड़ी देशों में काम कर रहे करोड़ों भारतीय प्रवासियों के मन में सुरक्षा का भाव पैदा करने की एक बड़ी कोशिश भी है।