टोक्यो/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे के पहले ही दिन राज्य के औद्योगिक विकास को बड़ी संजीवनी मिली है। बुधवार को टोक्यो में मुख्यमंत्री ने मिंडा कॉर्पोरेशन (स्पार्क मिंडा ग्रुप) के डेलीगेशन और उनके जापानी जॉइंट वेंचर पार्टनर्स के साथ एक महत्वपूर्ण मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश में ‘एडवांस्ड ऑटो कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम’ को वैश्विक स्तर पर मजबूत करना है।
जापानी तकनीक और यूपी का इंफ्रास्ट्रक्चर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद सोशल मीडिया (X) पर इस मुलाकात की जानकारी साझा की। बैठक में मिंडा कॉर्पोरेशन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आकाश मिंडा और स्पार्क मिंडा टोयो डेंसो के एमडी हिरोआकी ओमोरी शामिल थे। सीएम ने डेलीगेशन को भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश सरकार जमीन, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य सुविधाओं के लिए हर संभव सहयोग करेगी। इससे न केवल राज्य में नई तकनीक आएगी, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
मित्सुई एंड कंपनी को भी न्योता
इससे पहले, मुख्यमंत्री ने जापान की दिग्गज कंपनी मित्सुई एंड कंपनी के अधिकारियों के साथ भी भविष्योन्मुखी बैठक की। उन्होंने कंपनी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर काज़ुकी शिमिज़ु को यूपी में रिन्यूएबल एनर्जी, सेमीकंडक्टर्स, ICT और डेटा सेंटर्स जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
दो दिवसीय दौरे का मकसद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 25 और 26 फरवरी को जापान के आधिकारिक दौरे पर हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने की दिशा में विदेशी निवेश जुटाना और द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाना है।

