श्याम मय हुआ आगरा: 1100 निशान और 500 कलश के साथ निकली बाबा की दिव्य शोभायात्रा, आस्था और अनुशासन का बना अनूठा रिकॉर्ड

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आगरा। ताजनगरी में भक्ति, उल्लास और सनातन परंपरा का विराट संगम उस समय देखने को मिला, जब ‘हारे का सहारा’ भगवान श्री खाटू श्याम जी की फाल्गुन शोभायात्रा नगर भ्रमण पर निकली। मंदिर ट्रस्ट के अष्टम स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस महोत्सव ने पूरे शहर को ‘श्याम रंग’ में रंग दिया। अलौकिक झांकियां, चंग की थाप और ‘जय श्री श्याम’ के जयघोष से आगरा की गलियां गुंजायमान हो उठीं।

अनुशासन की मिसाल: नंगे पांव चले हजारों भक्त

मंगलवार को रावतपाड़ा स्थित श्री मनकामेश्वर मंदिर से शोभायात्रा का भव्य शुभारंभ हुआ। इस यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता इसका अनुशासन रहा। सफेद कुर्ता-पायजामा में पुरुष और गुलाबी साड़ियों में सजी महिलाएं दो पंक्तियों में कतारबद्ध होकर 1100 निशान और 500 कलश लेकर नंगे पांव निकलीं। श्रद्धा का यह मंजर देख हर कोई नतमस्तक हो गया।

प्रमुख अतिथियों ने उतारी आरती

शोभायात्रा का उद्घाटन केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, एमएलसी विजय शिवहरे और भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने संयुक्त रूप से किया। प्रो. बघेल ने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सनातन संस्कृति की सशक्त अभिव्यक्ति है।

​सजीव झांकियों ने मोहा मन

आयोजन संयोजक अजय गर्ग (अवागढ़) ने बताया कि इस वर्ष 50 से 60 सजीव झांकियां शोभायात्रा का हिस्सा बनीं। इनमें महाकाल लोक, आदियोगी, सालासर बालाजी, जगन्नाथ जी और काली का अखाड़ा मुख्य आकर्षण रहे। नासिक और पुणे से आए ढोल-नगाड़ों और ‘चंग धमाल’ की गूंज ने माहौल को वृंदावन जैसा बना दिया। तोपों से फूलों और गुलाल की वर्षा ने मार्ग को सुगंधित कर दिया।

महाआरती और दिव्य श्रृंगार

शोभायात्रा जौहरी बाजार, दरेसी और बेलनगंज होते हुए जीवनी मंडी स्थित मंदिर पहुंची। मातंगी टावर पर मुख्य ट्रस्टी हेमेंद्र अग्रवाल द्वारा भव्य महाआरती की गई। मंदिर में बाबा का श्रृंगार थाईलैंड के दुर्लभ पुष्पों और बेंगलुरु के मेवों से किया गया था, जो भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।

अब ‘फलों की होली’ का इंतज़ार

ट्रस्ट अध्यक्ष दिनेश चंद्र अग्रवाल के अनुसार, उत्सव अभी जारी है। बुधवार को मंदिर परिसर में ‘फलों की होली’ और छप्पन भोग के साथ विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।