आगरा। एत्मादपुर थाना क्षेत्र के नगला महासुख गांव में एक युवक की जहरीला पदार्थ खाकर मौत के बाद मामला तूल पकड़ गया है। परिजनों ने इसे ब्लैकमेलिंग और मानसिक उत्पीड़न से जुड़ी आत्महत्या बताते हुए पांच लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि दूसरे पक्ष ने प्रेम संबंध और शादी से इंकार को वजह बताया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।
ब्लैकमेलिंग का आरोप
मृतक समोद कुमार जल जीवन मिशन से जुड़े कर्मचारी थे। बड़े भाई बृजमान सिंह की तहरीर के मुताबिक समोद को लंबे समय से कुछ लोग परेशान कर रहे थे। आरोप है कि अंकित राजपूत, अंशु राजपूत, अंजली कुमारी, अनु पत्नी अंकित और रोहित राजपूत समेत अन्य लोग उस पर 25 लाख रुपये देने का दबाव बना रहे थे। रकम न देने पर बदनाम करने की धमकी दी जा रही थी, जिससे वह तनाव में रहने लगा था।
जहर खाने के बाद अस्पताल में मौत
परिजनों का कहना है कि लगातार दबाव से परेशान होकर समोद ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
सुसाइड नोट पुलिस के पास
परिवार का दावा है कि समोद ने जान देने से पहले सुसाइड नोट लिखा, जिसमें प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग का जिक्र है। यह नोट पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस हैंडराइटिंग और अन्य साक्ष्यों से इसकी पुष्टि करेगी।
दूसरा पक्ष क्या कह रहा
दूसरे पक्ष का कहना है कि समोद उनकी बेटी से प्रेम करता था और शादी करना चाहता था। आरोप है कि उसने अपनी जाति को लेकर गलत जानकारी दी थी। जब परिवार को असलियत पता चली तो युवती ने शादी से इंकार कर दिया। उनके मुताबिक युवक इस बात से तनाव में था और शादी के लिए दबाव बना रहा था। उनका यह भी दावा है कि सुसाइड नोट में इस विवाद का उल्लेख है।
जांच जारी
पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। सुसाइड नोट, कॉल डिटेल, संभावित लेनदेन और दोनों पक्षों के बयान जांच के दायरे में हैं। अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

